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Q: धातु का वह गुण जिसमें यदि उस पर भार डाला जाये तो वह दब जाती हैं लेकिन भार हटाते ही पुरानी अवस्था में आ जाती है। इसे.............कहते है।
  • A. प्लास्टिसिटी
  • B. टेनासिटी
  • C. टेन्साइल स्ट्रेंथ
  • D. इलास्टिसिटी
Correct Answer: Option D - इलास्टिसिटी पदार्थ का वह गुण होता है जिसके कारण पदार्थ के आकार तथा आकृति, वाह्य बलों को हटाने से अपनी पूर्व अवस्था में आ जाती है। इस गुण के आधार पर ही मशीन तथा औजारों के लिए उपयुक्त धातु का चयन किया जा सकता है। प्लास्टीसिटी यदि किसी पदार्थ पर उसकी प्लास्टिक सीमा से अधिक बल लगाया जाता है, तो बल हटाने पर पदार्थ की आकृति में स्थाई परिवर्तन हो जाता है और पदार्थ अपनी शुरुआती अवस्था को प्राप्त नहीं कर पाती। पदार्थ का तापमान बढ़ने पर प्लास्टिकता में वृद्धि होती है। उदाहरण- रबड़, शीशा, क्ले टेनासिटी धातु का वह गुण जिसमें धातु पर खिंचाव बल, या शक्ति लगाई जाय तो भी वह टूट नही पाती है।
D. इलास्टिसिटी पदार्थ का वह गुण होता है जिसके कारण पदार्थ के आकार तथा आकृति, वाह्य बलों को हटाने से अपनी पूर्व अवस्था में आ जाती है। इस गुण के आधार पर ही मशीन तथा औजारों के लिए उपयुक्त धातु का चयन किया जा सकता है। प्लास्टीसिटी यदि किसी पदार्थ पर उसकी प्लास्टिक सीमा से अधिक बल लगाया जाता है, तो बल हटाने पर पदार्थ की आकृति में स्थाई परिवर्तन हो जाता है और पदार्थ अपनी शुरुआती अवस्था को प्राप्त नहीं कर पाती। पदार्थ का तापमान बढ़ने पर प्लास्टिकता में वृद्धि होती है। उदाहरण- रबड़, शीशा, क्ले टेनासिटी धातु का वह गुण जिसमें धातु पर खिंचाव बल, या शक्ति लगाई जाय तो भी वह टूट नही पाती है।

Explanations:

इलास्टिसिटी पदार्थ का वह गुण होता है जिसके कारण पदार्थ के आकार तथा आकृति, वाह्य बलों को हटाने से अपनी पूर्व अवस्था में आ जाती है। इस गुण के आधार पर ही मशीन तथा औजारों के लिए उपयुक्त धातु का चयन किया जा सकता है। प्लास्टीसिटी यदि किसी पदार्थ पर उसकी प्लास्टिक सीमा से अधिक बल लगाया जाता है, तो बल हटाने पर पदार्थ की आकृति में स्थाई परिवर्तन हो जाता है और पदार्थ अपनी शुरुआती अवस्था को प्राप्त नहीं कर पाती। पदार्थ का तापमान बढ़ने पर प्लास्टिकता में वृद्धि होती है। उदाहरण- रबड़, शीशा, क्ले टेनासिटी धातु का वह गुण जिसमें धातु पर खिंचाव बल, या शक्ति लगाई जाय तो भी वह टूट नही पाती है।