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Q: ‘धर्म की रसात्मक अनुभूति का नाम ‘भक्ति’ है।’ उपर्युक्त कथन आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के किस निबंध का अंश है?
  • A. श्रद्धा और भक्ति
  • B. मानस की धर्मभूमि
  • C. लोभ और प्रीति
  • D. कविता क्या है?
Correct Answer: Option B - उपर्युक्त कथन आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के निबन्ध ‘मानस की धर्मभूमि’ का अंश है। जबकि श्रद्धा और भक्ति, लोभ और प्रीति, कविता क्या है आदि शुक्ल जी के अन्य निबन्ध हैं।
B. उपर्युक्त कथन आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के निबन्ध ‘मानस की धर्मभूमि’ का अंश है। जबकि श्रद्धा और भक्ति, लोभ और प्रीति, कविता क्या है आदि शुक्ल जी के अन्य निबन्ध हैं।

Explanations:

उपर्युक्त कथन आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के निबन्ध ‘मानस की धर्मभूमि’ का अंश है। जबकि श्रद्धा और भक्ति, लोभ और प्रीति, कविता क्या है आदि शुक्ल जी के अन्य निबन्ध हैं।