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Q: `धिक्' के योग में कौन सी विभक्ति होती है─
  • A. षष्ठी
  • B. पञ्चमी
  • C. तृतीया
  • D. द्वितीया
Correct Answer: Option D - उभयत:, सर्वत:, धिक्, उपर्युपरि, अधोऽध: तथा अध्यधि शब्दों का जिससे संयोग हो वहाँ द्वितीया होती है। सहयुक्तेऽप्रधाने – सहार्थेन युक्ते अप्रधाने तृतीया स्यात्। सह (साथ) तथा इसका अर्थ बताने वाले `साकं', `सार्धं', `समं' शब्दों के योग में अप्रधान कारक में तृतीया विभक्ति होती है। साधकतं करणम् – क्रियासिद्धौ प्रकृष्टोपकारकं करणसंज्ञं स्यात् क्रिया की सिद्धि में जो कारक सर्वाधिक सहायक होता है। उसे करण कहते हैं। कर्तृकरणयोस्तृतीया – अनभिहिते कर्तरि करणे च तृतीया स्यात्। रामेण वाणेन हतो वाली अर्थात् राम ने बाण से बाली को मारा।
D. उभयत:, सर्वत:, धिक्, उपर्युपरि, अधोऽध: तथा अध्यधि शब्दों का जिससे संयोग हो वहाँ द्वितीया होती है। सहयुक्तेऽप्रधाने – सहार्थेन युक्ते अप्रधाने तृतीया स्यात्। सह (साथ) तथा इसका अर्थ बताने वाले `साकं', `सार्धं', `समं' शब्दों के योग में अप्रधान कारक में तृतीया विभक्ति होती है। साधकतं करणम् – क्रियासिद्धौ प्रकृष्टोपकारकं करणसंज्ञं स्यात् क्रिया की सिद्धि में जो कारक सर्वाधिक सहायक होता है। उसे करण कहते हैं। कर्तृकरणयोस्तृतीया – अनभिहिते कर्तरि करणे च तृतीया स्यात्। रामेण वाणेन हतो वाली अर्थात् राम ने बाण से बाली को मारा।

Explanations:

उभयत:, सर्वत:, धिक्, उपर्युपरि, अधोऽध: तथा अध्यधि शब्दों का जिससे संयोग हो वहाँ द्वितीया होती है। सहयुक्तेऽप्रधाने – सहार्थेन युक्ते अप्रधाने तृतीया स्यात्। सह (साथ) तथा इसका अर्थ बताने वाले `साकं', `सार्धं', `समं' शब्दों के योग में अप्रधान कारक में तृतीया विभक्ति होती है। साधकतं करणम् – क्रियासिद्धौ प्रकृष्टोपकारकं करणसंज्ञं स्यात् क्रिया की सिद्धि में जो कारक सर्वाधिक सहायक होता है। उसे करण कहते हैं। कर्तृकरणयोस्तृतीया – अनभिहिते कर्तरि करणे च तृतीया स्यात्। रामेण वाणेन हतो वाली अर्थात् राम ने बाण से बाली को मारा।