Correct Answer:
Option D - धातु, संगमरमर, काँच और कंक्रीट जैसी सामग्रीयों की तुलना में लकड़ी कम ऊष्मीय चालकता (उच्च ऊष्मा- अवरोधन क्षमता) प्रदर्शित करती है। ऊष्मीय चालकता अक्षीय दिशा में सबसे अधिक होती है और घनत्व और नमी की मात्रा के साथ बढ़ती है, इस प्रकार पर्याप्त उच्च तापमान के सम्पर्क में आने पर हल्की सूखी, लकड़ी बेहतर अवरोधी (Insulator) होती है। यह गुण लकड़ी को गर्म करने के लिए उपयुक्त बनाता है लेकिन इसके तकनीकी उपयोग के लिए नुकसानदायक है।
D. धातु, संगमरमर, काँच और कंक्रीट जैसी सामग्रीयों की तुलना में लकड़ी कम ऊष्मीय चालकता (उच्च ऊष्मा- अवरोधन क्षमता) प्रदर्शित करती है। ऊष्मीय चालकता अक्षीय दिशा में सबसे अधिक होती है और घनत्व और नमी की मात्रा के साथ बढ़ती है, इस प्रकार पर्याप्त उच्च तापमान के सम्पर्क में आने पर हल्की सूखी, लकड़ी बेहतर अवरोधी (Insulator) होती है। यह गुण लकड़ी को गर्म करने के लिए उपयुक्त बनाता है लेकिन इसके तकनीकी उपयोग के लिए नुकसानदायक है।