Correct Answer:
Option C - द्वितीयक जाइलम वह जटिल ऊतक है, जो पौधों के तने और जड़ में द्वितीयक वृद्धि के दौरान बनता है। द्वितीयक वृद्धि तब होती है, जब संवहनी कैम्बियम नामक एक विभाज्योतकी ऊतक सक्रिय होता है और अपने आस-पास के ऊतकों को विभाजित करता है। यह द्वितीयक जाइलम और द्वितीयक फ्लोएम बनाने के लिए जिम्मेदार है। निवीनतम द्वितीयक जाइलम संवहनी कैम्बियम के ठीक अंदर पाया जाता है।
C. द्वितीयक जाइलम वह जटिल ऊतक है, जो पौधों के तने और जड़ में द्वितीयक वृद्धि के दौरान बनता है। द्वितीयक वृद्धि तब होती है, जब संवहनी कैम्बियम नामक एक विभाज्योतकी ऊतक सक्रिय होता है और अपने आस-पास के ऊतकों को विभाजित करता है। यह द्वितीयक जाइलम और द्वितीयक फ्लोएम बनाने के लिए जिम्मेदार है। निवीनतम द्वितीयक जाइलम संवहनी कैम्बियम के ठीक अंदर पाया जाता है।