Correct Answer:
Option B - ‘दी पहाड़ी मिनिएचर पेटिंग’ के लेखक कार्ल खण्डाला वाला है।
• पहाड़ी चित्रकला की सर्वप्रथम जानकारी सन् 1910 ई. में आनन्द कुमार स्वामी के प्रयासों से हुई। सन् 1916 ई. में आपका ‘राजपूत पेटिंग’ नामक ग्रन्थ प्रकाशित हुआ। इसमें पहाड़ी चित्रों को राजस्थानी से भिन्न बताते हुए’ हिन्दू पेटिंग ऑफ पंजाब हिमालयाज’ कहा गया।
• हेनरी मूर ब्रिटिश ‘मूर्तिकार’ थे इनका जन्म-30 जुलाई 1898 में हुआ था।
• स्टेला क्रैमरिश-(29 मई 1896-31 अगस्त 1993) एक अग्रणी कला इतिहासकार और क्यूरेटर थी। भारत में प्रारंभिक ‘बौद्ध मूर्ति कला (1919) के अवशोध प्रबन्ध लिखा। (1924) उनकी पहली पुस्तक ‘द हिन्दू टैम्पल’ (1946) में द आर्ट ऑफ इण्डियन, ट्रेडिसन ऑफ इण्डियन स्कल्पचर पेटिंग एण्ड आर्किटेक्चर (1954)।
B. ‘दी पहाड़ी मिनिएचर पेटिंग’ के लेखक कार्ल खण्डाला वाला है।
• पहाड़ी चित्रकला की सर्वप्रथम जानकारी सन् 1910 ई. में आनन्द कुमार स्वामी के प्रयासों से हुई। सन् 1916 ई. में आपका ‘राजपूत पेटिंग’ नामक ग्रन्थ प्रकाशित हुआ। इसमें पहाड़ी चित्रों को राजस्थानी से भिन्न बताते हुए’ हिन्दू पेटिंग ऑफ पंजाब हिमालयाज’ कहा गया।
• हेनरी मूर ब्रिटिश ‘मूर्तिकार’ थे इनका जन्म-30 जुलाई 1898 में हुआ था।
• स्टेला क्रैमरिश-(29 मई 1896-31 अगस्त 1993) एक अग्रणी कला इतिहासकार और क्यूरेटर थी। भारत में प्रारंभिक ‘बौद्ध मूर्ति कला (1919) के अवशोध प्रबन्ध लिखा। (1924) उनकी पहली पुस्तक ‘द हिन्दू टैम्पल’ (1946) में द आर्ट ऑफ इण्डियन, ट्रेडिसन ऑफ इण्डियन स्कल्पचर पेटिंग एण्ड आर्किटेक्चर (1954)।