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Q: The word 'Satyamev Jayate' have been derived from which Upanishad?
  • A. Akshi Upanishad/अक्षि उपनिषद
  • B. Mundaka Upanishad/मुण्डक उपनिषद
  • C. Garida Upanishad/गरूड़ उपनिषद
  • D. Mahavakya Upanishad/महावाक्य उपनिषद
Correct Answer: Option B - भारत के राष्ट्रीय प्रतीक पर उल्लिखित ‘सत्यमेव जयते’ शब्द मुंडकोपनिषद् से लिया गया है। जिसका अर्थ है। सत्य की ही विजय होती है। यह भारत के राष्ट्रीय प्रतीक पर नीले देवनगरी लिपि में अंकित है इसे राष्ट्र पटल पर लाने और उसका प्रचार करने में पंडित महामना मदनमोहन मालवीय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। भारत का आदर्श राष्ट्रीय वाक्य सत्यमेव जयते मुण्डकोपनिषद में उल्लिखित है। जिसका अर्थ - ‘सत्य की सदैव विजय होती है।’ भारत का यह राष्ट्रीय आदर्श वाक्य महान मौर्य सम्राट अशोक द्वारा सारनाथ (वाराणसी-यू.पी.) में स्थापित सारनाथ के अशोक स्तम्भ के शीर्ष से लिया गया है। यह स्तम्भ शीर्ष (भारत का ) हमारे देश का राजचिन्ह भी है। उपनिषदों की कुल संख्या 208 है। प्रश्न में उल्लिखित अक्षि, गरुण, महावाक्य नाम का कोई भी उपनिषद नहीं है। मुण्डकोपनिषद में यज्ञ को टूटी हुई नौका के समान बतलाया गया है। तथा कहा गया है कि जो मनुष्य इनका अनुकरण करेगा वह बारम्बार जरामृत्यु को प्राप्त होगा।
B. भारत के राष्ट्रीय प्रतीक पर उल्लिखित ‘सत्यमेव जयते’ शब्द मुंडकोपनिषद् से लिया गया है। जिसका अर्थ है। सत्य की ही विजय होती है। यह भारत के राष्ट्रीय प्रतीक पर नीले देवनगरी लिपि में अंकित है इसे राष्ट्र पटल पर लाने और उसका प्रचार करने में पंडित महामना मदनमोहन मालवीय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। भारत का आदर्श राष्ट्रीय वाक्य सत्यमेव जयते मुण्डकोपनिषद में उल्लिखित है। जिसका अर्थ - ‘सत्य की सदैव विजय होती है।’ भारत का यह राष्ट्रीय आदर्श वाक्य महान मौर्य सम्राट अशोक द्वारा सारनाथ (वाराणसी-यू.पी.) में स्थापित सारनाथ के अशोक स्तम्भ के शीर्ष से लिया गया है। यह स्तम्भ शीर्ष (भारत का ) हमारे देश का राजचिन्ह भी है। उपनिषदों की कुल संख्या 208 है। प्रश्न में उल्लिखित अक्षि, गरुण, महावाक्य नाम का कोई भी उपनिषद नहीं है। मुण्डकोपनिषद में यज्ञ को टूटी हुई नौका के समान बतलाया गया है। तथा कहा गया है कि जो मनुष्य इनका अनुकरण करेगा वह बारम्बार जरामृत्यु को प्राप्त होगा।

Explanations:

भारत के राष्ट्रीय प्रतीक पर उल्लिखित ‘सत्यमेव जयते’ शब्द मुंडकोपनिषद् से लिया गया है। जिसका अर्थ है। सत्य की ही विजय होती है। यह भारत के राष्ट्रीय प्रतीक पर नीले देवनगरी लिपि में अंकित है इसे राष्ट्र पटल पर लाने और उसका प्रचार करने में पंडित महामना मदनमोहन मालवीय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। भारत का आदर्श राष्ट्रीय वाक्य सत्यमेव जयते मुण्डकोपनिषद में उल्लिखित है। जिसका अर्थ - ‘सत्य की सदैव विजय होती है।’ भारत का यह राष्ट्रीय आदर्श वाक्य महान मौर्य सम्राट अशोक द्वारा सारनाथ (वाराणसी-यू.पी.) में स्थापित सारनाथ के अशोक स्तम्भ के शीर्ष से लिया गया है। यह स्तम्भ शीर्ष (भारत का ) हमारे देश का राजचिन्ह भी है। उपनिषदों की कुल संख्या 208 है। प्रश्न में उल्लिखित अक्षि, गरुण, महावाक्य नाम का कोई भी उपनिषद नहीं है। मुण्डकोपनिषद में यज्ञ को टूटी हुई नौका के समान बतलाया गया है। तथा कहा गया है कि जो मनुष्य इनका अनुकरण करेगा वह बारम्बार जरामृत्यु को प्राप्त होगा।