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Q: The Valecular and Cranial Canals are found in: खांचेदार तथा कुटकी नलिकाएँ पाई जाती है?
  • A. Equisetum/इक्वीसीटम मेें
  • B. Marsilea/ मारसीलिया में (जल विपतिया)
  • C. Pinus/पाइनस में
  • D. Zea Mays/मक्का
Correct Answer: Option A - रेशम ग्रंथिया रूपान्तरित लार ग्रंथिया होती है रेशम पंतगा (Bonsbyx mori) निषेचन के फलस्वरूप शहतुत की पत्तियों पर 300-400 अंडो का अण्डारोपण कर देती है प्रत्येक अण्डे से 10 दिन पश्चात एक नन्हा कैटरपिलर लार्वा निकलता है जोे अपने चारो तरफ लार ग्रंथियों द्वारा एक पदार्थ स्त्रावित करता है जो एक धागे का खोल स्वरूप आकृति बना लेती है जिसे कोया या कोकुन कहते है तथा वायु के सम्पर्क में आते ही यहीं धागा सुखकर रेशमी धागा बन जाता है।
A. रेशम ग्रंथिया रूपान्तरित लार ग्रंथिया होती है रेशम पंतगा (Bonsbyx mori) निषेचन के फलस्वरूप शहतुत की पत्तियों पर 300-400 अंडो का अण्डारोपण कर देती है प्रत्येक अण्डे से 10 दिन पश्चात एक नन्हा कैटरपिलर लार्वा निकलता है जोे अपने चारो तरफ लार ग्रंथियों द्वारा एक पदार्थ स्त्रावित करता है जो एक धागे का खोल स्वरूप आकृति बना लेती है जिसे कोया या कोकुन कहते है तथा वायु के सम्पर्क में आते ही यहीं धागा सुखकर रेशमी धागा बन जाता है।

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रेशम ग्रंथिया रूपान्तरित लार ग्रंथिया होती है रेशम पंतगा (Bonsbyx mori) निषेचन के फलस्वरूप शहतुत की पत्तियों पर 300-400 अंडो का अण्डारोपण कर देती है प्रत्येक अण्डे से 10 दिन पश्चात एक नन्हा कैटरपिलर लार्वा निकलता है जोे अपने चारो तरफ लार ग्रंथियों द्वारा एक पदार्थ स्त्रावित करता है जो एक धागे का खोल स्वरूप आकृति बना लेती है जिसे कोया या कोकुन कहते है तथा वायु के सम्पर्क में आते ही यहीं धागा सुखकर रेशमी धागा बन जाता है।