Explanations:
सार्वभौमिक स्वीकार्य रक्त समूह (AB+) है क्योंकि इसमें कोई भी एण्टीबॉडी नहीं पाई जाती है। इसी प्रकार O– को सार्वभौमिक दाता (Universal donor) रक्त समूह कहते हैं क्योंकि इसमें किसी भी प्रकार का एण्टीजन उपस्थित नहीं होता है। ब्लड ग्रुप की खोज कार्ल लैण्डस्टीनर ने की थी, जबकि Rh-कारक की खोज कार्ल लैण्डस्टीनर और वीनर ने 1940 में की थी।