Correct Answer:
Option B - मध्य प्रदेश में प्रोजेक्ट टाइगर रिजर्व घोषित परियोजनाओं की संख्या 7 है। प्रतिवर्ष 29 जुलाई को बाघ दिवस मनाया जाता है। वन्य प्राणी संरक्षण 1972 के अन्तर्गत सन् 1997 से प्रदेश के सभी टाइगर प्रोजेक्ट में टाइगर फाउण्डेशन सोसाइटी की स्थापना की गई थी। राष्ट्रीय स्तर पर बाघों के संरक्षण हेतु प्रोजेक्ट टाइगर योजना 1 अप्रैल, 1973से लागू की गई थी। मध्य प्रदेश में वर्तमान में कुल 7 प्रोजेक्ट टाइगर हैं, जो निम्नवत हैं–
1. कान्हा किसली - 1974 में सर्वप्रथम प्रोजेक्ट टाइगर का प्रारम्भ किया गया।
2. बांधवगढ़ – इसे वर्ष 1993-94 में सम्मिलित किया गया।
3. पेंच - इसे वर्ष 1992 में प्रोजेक्ट टाइगर के अन्तर्गत शामिल किया गया।
4. पन्ना – इसे वर्ष 1994 में शामिल किया गया।
5. सतपुड़ा - इसे वर्ष 1999 में प्रोजेक्ट टाइगर के अन्तर्गत शामिल किया गया।
6. संजय गाँधी– इसे वर्ष 2008 में प्रोजेक्ट टाइगर के अन्तर्गत शामिल किया गया।
7. रातापानी– इसे वर्ष 2019 में प्रोजेक्ट टाइगर के अन्तर्गत शामिल किया गया। यह प्रदेश का एकमात्र अभ्यारण्य है, जिसे प्रोजेक्ट टाइगर के अन्तर्गत शामिल किया गया।
B. मध्य प्रदेश में प्रोजेक्ट टाइगर रिजर्व घोषित परियोजनाओं की संख्या 7 है। प्रतिवर्ष 29 जुलाई को बाघ दिवस मनाया जाता है। वन्य प्राणी संरक्षण 1972 के अन्तर्गत सन् 1997 से प्रदेश के सभी टाइगर प्रोजेक्ट में टाइगर फाउण्डेशन सोसाइटी की स्थापना की गई थी। राष्ट्रीय स्तर पर बाघों के संरक्षण हेतु प्रोजेक्ट टाइगर योजना 1 अप्रैल, 1973से लागू की गई थी। मध्य प्रदेश में वर्तमान में कुल 7 प्रोजेक्ट टाइगर हैं, जो निम्नवत हैं–
1. कान्हा किसली - 1974 में सर्वप्रथम प्रोजेक्ट टाइगर का प्रारम्भ किया गया।
2. बांधवगढ़ – इसे वर्ष 1993-94 में सम्मिलित किया गया।
3. पेंच - इसे वर्ष 1992 में प्रोजेक्ट टाइगर के अन्तर्गत शामिल किया गया।
4. पन्ना – इसे वर्ष 1994 में शामिल किया गया।
5. सतपुड़ा - इसे वर्ष 1999 में प्रोजेक्ट टाइगर के अन्तर्गत शामिल किया गया।
6. संजय गाँधी– इसे वर्ष 2008 में प्रोजेक्ट टाइगर के अन्तर्गत शामिल किया गया।
7. रातापानी– इसे वर्ष 2019 में प्रोजेक्ट टाइगर के अन्तर्गत शामिल किया गया। यह प्रदेश का एकमात्र अभ्यारण्य है, जिसे प्रोजेक्ट टाइगर के अन्तर्गत शामिल किया गया।