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Q: The theory of continental drift was developed by महाद्वीपीय बहाव का सिद्धांत किसके द्वारा विकसित किया गया था?
  • A. J.J. Wilson//जे.जे. विल्सन
  • B. A. Wegener/ए.वेगेनर
  • C. Du Toit /डु टोइट
  • D. H. Hess/एच. हेस
Correct Answer: Option B - वेगनर के महाद्वीपीय प्रवाह (बहाव) सिद्धान्त के अनुसार कार्बोनीफेरस युग में पृथ्वी के सभी स्थलखण्ड आपस में जुड़े हुए थे जिसे `पैंजिया' नाम दिया गया। पैंजिया के चारों ओर महासागर का विस्तार था जिसे `पैंथालासा' कहा गया है। कार्बोनीफेरस युग से प्रारम्भ होकर ट्रियासिक युग तक पैंजिया का विभाजन हुआ एवं इसका एक भाग उत्तर की ओर एवं दूसरा भाग दक्षिण की ओर प्रवाहित हुआ। उत्तरी भाग अंगारालैण्ड तथा दक्षिणी भाग ‘गोण्डवानालैण्ड’ कहलाया। जुरैसिक युग में गोण्डवानालैण्ड में विभंजन के फलस्वरूप दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका, प्रायद्वीपीय भारत, मेडागास्कर तथा ऑस्ट्रेलिया का निर्माण हुआ।
B. वेगनर के महाद्वीपीय प्रवाह (बहाव) सिद्धान्त के अनुसार कार्बोनीफेरस युग में पृथ्वी के सभी स्थलखण्ड आपस में जुड़े हुए थे जिसे `पैंजिया' नाम दिया गया। पैंजिया के चारों ओर महासागर का विस्तार था जिसे `पैंथालासा' कहा गया है। कार्बोनीफेरस युग से प्रारम्भ होकर ट्रियासिक युग तक पैंजिया का विभाजन हुआ एवं इसका एक भाग उत्तर की ओर एवं दूसरा भाग दक्षिण की ओर प्रवाहित हुआ। उत्तरी भाग अंगारालैण्ड तथा दक्षिणी भाग ‘गोण्डवानालैण्ड’ कहलाया। जुरैसिक युग में गोण्डवानालैण्ड में विभंजन के फलस्वरूप दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका, प्रायद्वीपीय भारत, मेडागास्कर तथा ऑस्ट्रेलिया का निर्माण हुआ।

Explanations:

वेगनर के महाद्वीपीय प्रवाह (बहाव) सिद्धान्त के अनुसार कार्बोनीफेरस युग में पृथ्वी के सभी स्थलखण्ड आपस में जुड़े हुए थे जिसे `पैंजिया' नाम दिया गया। पैंजिया के चारों ओर महासागर का विस्तार था जिसे `पैंथालासा' कहा गया है। कार्बोनीफेरस युग से प्रारम्भ होकर ट्रियासिक युग तक पैंजिया का विभाजन हुआ एवं इसका एक भाग उत्तर की ओर एवं दूसरा भाग दक्षिण की ओर प्रवाहित हुआ। उत्तरी भाग अंगारालैण्ड तथा दक्षिणी भाग ‘गोण्डवानालैण्ड’ कहलाया। जुरैसिक युग में गोण्डवानालैण्ड में विभंजन के फलस्वरूप दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका, प्रायद्वीपीय भारत, मेडागास्कर तथा ऑस्ट्रेलिया का निर्माण हुआ।