Correct Answer:
Option C - ‘शैल सरिता’ शब्दावली परिहिमानी से सम्बन्धित है। शैल मलवा जिसमें बड़े तथा बारीक सभी प्रकार के कण होते है इसके समूहों को जो कि घाटी में एकत्रित होकर ढाल के अनुसार अग्रसर होता है शैल सरिता कहते हैं परन्तु यह आवश्यक नहीं है कि प्रस्तर सरिता सदैव घाटियों से होकर ही प्रवाहित हो। कभी-कभी उत्तल ढाल से शैल मलवा सरिता के रूप में प्रवाहित होती है। शैल सरिता में पदार्थों का श्रेणीकरण तुषार उत्क्षेपण के कारण होता है।
C. ‘शैल सरिता’ शब्दावली परिहिमानी से सम्बन्धित है। शैल मलवा जिसमें बड़े तथा बारीक सभी प्रकार के कण होते है इसके समूहों को जो कि घाटी में एकत्रित होकर ढाल के अनुसार अग्रसर होता है शैल सरिता कहते हैं परन्तु यह आवश्यक नहीं है कि प्रस्तर सरिता सदैव घाटियों से होकर ही प्रवाहित हो। कभी-कभी उत्तल ढाल से शैल मलवा सरिता के रूप में प्रवाहित होती है। शैल सरिता में पदार्थों का श्रेणीकरण तुषार उत्क्षेपण के कारण होता है।