Correct Answer:
Option D - दैनिक विचरण (Diurnal Variation):- चुम्बकीय सूई की स्थिति में होने वाले 24 घण्टों अथवा प्रतिदिन विचरण को दैनिक विचरण (Diurnal Variation) कहते हैं। विचरण का मान रात में दिन की अपेक्षा कम तथा प्रात: व संध्या में दोपहर की अपेक्षा कम होता है।
वार्षिक विचरण (Annual Variation):- चुम्बकीय सूई की स्थिति में होने वाले 1 वर्ष के विचरण को वार्षिक विचरण (Annual Variation) कहते हैं।
अनियमित विचरण (Irregular Variation):- अनियमित विचरण और सूर्यग्रहण, चुम्बकीय तूफानों (Magnetic Storm), पृथ्वी के चुम्बकीय बलों में विक्षोभ, भूकम्प, ज्वालामुखी फटने आदि कारणों से होता है।
दीर्घ कालिक विचरण (Secular Variation):- चुम्बकीय सूई की स्थिति में एक वर्ष से अधिक समय में होने वाले दिक्पात विचरण को दीर्घकालिक विचरण (Secular Variation) कहते हैं। यह दीवार घड़ी के लोलक (पेंडुलम) की भाँति अपनी स्थिति बदलता है। इसका कला काल (Phase Period) लगभग 250 वर्ष का होता है।
D. दैनिक विचरण (Diurnal Variation):- चुम्बकीय सूई की स्थिति में होने वाले 24 घण्टों अथवा प्रतिदिन विचरण को दैनिक विचरण (Diurnal Variation) कहते हैं। विचरण का मान रात में दिन की अपेक्षा कम तथा प्रात: व संध्या में दोपहर की अपेक्षा कम होता है।
वार्षिक विचरण (Annual Variation):- चुम्बकीय सूई की स्थिति में होने वाले 1 वर्ष के विचरण को वार्षिक विचरण (Annual Variation) कहते हैं।
अनियमित विचरण (Irregular Variation):- अनियमित विचरण और सूर्यग्रहण, चुम्बकीय तूफानों (Magnetic Storm), पृथ्वी के चुम्बकीय बलों में विक्षोभ, भूकम्प, ज्वालामुखी फटने आदि कारणों से होता है।
दीर्घ कालिक विचरण (Secular Variation):- चुम्बकीय सूई की स्थिति में एक वर्ष से अधिक समय में होने वाले दिक्पात विचरण को दीर्घकालिक विचरण (Secular Variation) कहते हैं। यह दीवार घड़ी के लोलक (पेंडुलम) की भाँति अपनी स्थिति बदलता है। इसका कला काल (Phase Period) लगभग 250 वर्ष का होता है।