Correct Answer:
Option C - पृष्ठ तनाव (surface tension)- तरल का वह गुण, जो किसी द्रव तथा गैस या एक द्रव और दूसरे द्रव (आपस में न घुलने वाले द्रव) की सम्पर्क सतह (contact surface) खिंचाव या तनाव में होती है अर्थात् तनी हुई होती है इसी को पृष्ठ तनाव कहते हैं।
सतह में यह तनाव अणुओं के आकर्षण (Molecular Attaction) के कारण होता है।
श्यानता (Viscosity)– किस तरल का वह गुण, जिसके कारण उसकी एक सतह का दूसरी सतह पर फिसलने में विरोध होता है। श्यानता कहलाती है।
केशिकत्व (capillarity)- इस क्रिया में बहुत कम व्यास की नली को यदि किसी द्रव में डुबोया जाये तो नली में द्रव का तल नीचे गिरता या ऊपर उठ जाता है, इसे केशिकत्व कहते हैं। इसको केशिका क्रिया (capillary action) भी कहा जाता है।
C. पृष्ठ तनाव (surface tension)- तरल का वह गुण, जो किसी द्रव तथा गैस या एक द्रव और दूसरे द्रव (आपस में न घुलने वाले द्रव) की सम्पर्क सतह (contact surface) खिंचाव या तनाव में होती है अर्थात् तनी हुई होती है इसी को पृष्ठ तनाव कहते हैं।
सतह में यह तनाव अणुओं के आकर्षण (Molecular Attaction) के कारण होता है।
श्यानता (Viscosity)– किस तरल का वह गुण, जिसके कारण उसकी एक सतह का दूसरी सतह पर फिसलने में विरोध होता है। श्यानता कहलाती है।
केशिकत्व (capillarity)- इस क्रिया में बहुत कम व्यास की नली को यदि किसी द्रव में डुबोया जाये तो नली में द्रव का तल नीचे गिरता या ऊपर उठ जाता है, इसे केशिकत्व कहते हैं। इसको केशिका क्रिया (capillary action) भी कहा जाता है।