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Q: The surface of a liquid acts like a stretched elastic membrane under tension. This is mainly due to ____________. एक द्रव की सतह तनन के अन्तर्गत एक तनी हुई प्रत्यास्थ झिल्ली की तरह काम करती है। यह मुख्यत: ______ के कारण होता है।
  • A. viscosity/श्यानता
  • B. velocity of flow /प्रवाह का वेग
  • C. surface tension/पृष्ठ तनाव
  • D. capillarity /केशिकत्व
Correct Answer: Option C - पृष्ठ तनाव (surface tension)- तरल का वह गुण, जो किसी द्रव तथा गैस या एक द्रव और दूसरे द्रव (आपस में न घुलने वाले द्रव) की सम्पर्क सतह (contact surface) खिंचाव या तनाव में होती है अर्थात् तनी हुई होती है इसी को पृष्ठ तनाव कहते हैं। सतह में यह तनाव अणुओं के आकर्षण (Molecular Attaction) के कारण होता है। श्यानता (Viscosity)– किस तरल का वह गुण, जिसके कारण उसकी एक सतह का दूसरी सतह पर फिसलने में विरोध होता है। श्यानता कहलाती है। केशिकत्व (capillarity)- इस क्रिया में बहुत कम व्यास की नली को यदि किसी द्रव में डुबोया जाये तो नली में द्रव का तल नीचे गिरता या ऊपर उठ जाता है, इसे केशिकत्व कहते हैं। इसको केशिका क्रिया (capillary action) भी कहा जाता है।
C. पृष्ठ तनाव (surface tension)- तरल का वह गुण, जो किसी द्रव तथा गैस या एक द्रव और दूसरे द्रव (आपस में न घुलने वाले द्रव) की सम्पर्क सतह (contact surface) खिंचाव या तनाव में होती है अर्थात् तनी हुई होती है इसी को पृष्ठ तनाव कहते हैं। सतह में यह तनाव अणुओं के आकर्षण (Molecular Attaction) के कारण होता है। श्यानता (Viscosity)– किस तरल का वह गुण, जिसके कारण उसकी एक सतह का दूसरी सतह पर फिसलने में विरोध होता है। श्यानता कहलाती है। केशिकत्व (capillarity)- इस क्रिया में बहुत कम व्यास की नली को यदि किसी द्रव में डुबोया जाये तो नली में द्रव का तल नीचे गिरता या ऊपर उठ जाता है, इसे केशिकत्व कहते हैं। इसको केशिका क्रिया (capillary action) भी कहा जाता है।

Explanations:

पृष्ठ तनाव (surface tension)- तरल का वह गुण, जो किसी द्रव तथा गैस या एक द्रव और दूसरे द्रव (आपस में न घुलने वाले द्रव) की सम्पर्क सतह (contact surface) खिंचाव या तनाव में होती है अर्थात् तनी हुई होती है इसी को पृष्ठ तनाव कहते हैं। सतह में यह तनाव अणुओं के आकर्षण (Molecular Attaction) के कारण होता है। श्यानता (Viscosity)– किस तरल का वह गुण, जिसके कारण उसकी एक सतह का दूसरी सतह पर फिसलने में विरोध होता है। श्यानता कहलाती है। केशिकत्व (capillarity)- इस क्रिया में बहुत कम व्यास की नली को यदि किसी द्रव में डुबोया जाये तो नली में द्रव का तल नीचे गिरता या ऊपर उठ जाता है, इसे केशिकत्व कहते हैं। इसको केशिका क्रिया (capillary action) भी कहा जाता है।