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Q: The standard recording rain gauge adopted in India is of भारत में अपनाया जाने वाला मानक अभिलेखी वर्षामापी है-
  • A. Weighing bucket type/तुला प्रकार
  • B. Natural syphon type/प्राकृतिक साइफन प्रकार
  • C. Tipping bucket type/टिपिंग बकेट प्रकार
  • D. Telemetry type/टैलीमैट्री प्रकार
Correct Answer: Option B - वर्षामापी मुख्यत: दो प्रकार के होते हैं– (1) साधारण या अनभिलेखी वर्षामापी (Ordinary or Non-recording rain gauge) (2) स्वत: अभिलेखी वर्षामापी (Self recording or Automatic rain guage) साधारण वर्षामापी एक निर्धारित अवधि में होने वाली कुल वर्षा को एक बोतल में एकत्र करता है जिसे बाद में अंशांकित सिलिण्डर से माप लिया जाता है जबकि स्वत: अभिलेखी वर्षामापी प्रतिदिन होने वाली वर्षा का मापन भी करते हैं और प्रतिघण्टा वर्षा की तीव्रता भी रिकार्ड करते हैं। सिंचाई विभाग में साधारण वर्षामापी जो साइमन वर्षामापी के नाम से जाना जाता है, प्रयोग में लाया जाता है। स्वत: अभिलेखी वर्षामापी– यह तीन प्रकार के होते हैं– (1) टिपिंग बकेट वर्षामापी (2) तुला प्रकार का वर्षामापी (3 प्लव प्रकार वर्षामापी भारत में प्लव प्रकार वर्षामापी प्रयोग किया जाता है। जिसे प्राकृतिक साइफन वर्षामापी के नाम से भी जाना जाता है।
B. वर्षामापी मुख्यत: दो प्रकार के होते हैं– (1) साधारण या अनभिलेखी वर्षामापी (Ordinary or Non-recording rain gauge) (2) स्वत: अभिलेखी वर्षामापी (Self recording or Automatic rain guage) साधारण वर्षामापी एक निर्धारित अवधि में होने वाली कुल वर्षा को एक बोतल में एकत्र करता है जिसे बाद में अंशांकित सिलिण्डर से माप लिया जाता है जबकि स्वत: अभिलेखी वर्षामापी प्रतिदिन होने वाली वर्षा का मापन भी करते हैं और प्रतिघण्टा वर्षा की तीव्रता भी रिकार्ड करते हैं। सिंचाई विभाग में साधारण वर्षामापी जो साइमन वर्षामापी के नाम से जाना जाता है, प्रयोग में लाया जाता है। स्वत: अभिलेखी वर्षामापी– यह तीन प्रकार के होते हैं– (1) टिपिंग बकेट वर्षामापी (2) तुला प्रकार का वर्षामापी (3 प्लव प्रकार वर्षामापी भारत में प्लव प्रकार वर्षामापी प्रयोग किया जाता है। जिसे प्राकृतिक साइफन वर्षामापी के नाम से भी जाना जाता है।

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वर्षामापी मुख्यत: दो प्रकार के होते हैं– (1) साधारण या अनभिलेखी वर्षामापी (Ordinary or Non-recording rain gauge) (2) स्वत: अभिलेखी वर्षामापी (Self recording or Automatic rain guage) साधारण वर्षामापी एक निर्धारित अवधि में होने वाली कुल वर्षा को एक बोतल में एकत्र करता है जिसे बाद में अंशांकित सिलिण्डर से माप लिया जाता है जबकि स्वत: अभिलेखी वर्षामापी प्रतिदिन होने वाली वर्षा का मापन भी करते हैं और प्रतिघण्टा वर्षा की तीव्रता भी रिकार्ड करते हैं। सिंचाई विभाग में साधारण वर्षामापी जो साइमन वर्षामापी के नाम से जाना जाता है, प्रयोग में लाया जाता है। स्वत: अभिलेखी वर्षामापी– यह तीन प्रकार के होते हैं– (1) टिपिंग बकेट वर्षामापी (2) तुला प्रकार का वर्षामापी (3 प्लव प्रकार वर्षामापी भारत में प्लव प्रकार वर्षामापी प्रयोग किया जाता है। जिसे प्राकृतिक साइफन वर्षामापी के नाम से भी जाना जाता है।