Correct Answer:
Option A - सामान्यतया अध्यक्ष को पहली बार में मत देने का अधिकार नही है परन्तु किसी विषय पर मत बराबर होने की स्थिति में उसे निर्णायक मत देने का अधिकार है। अनुच्छेद-92 के अनुसार यदि अध्यक्ष को पद से हटाने का संकल्प विचाराधीन हो तो अध्यक्ष को लोकसभा सदस्य की तरह बैठक में शामिल होने, बोलने तथा सामान्य मत देने का अधिकार है, परन्तु वह सदन की अध्यक्षता नहीं कर सकता और न ही निर्णायक मत दे सकता है।
A. सामान्यतया अध्यक्ष को पहली बार में मत देने का अधिकार नही है परन्तु किसी विषय पर मत बराबर होने की स्थिति में उसे निर्णायक मत देने का अधिकार है। अनुच्छेद-92 के अनुसार यदि अध्यक्ष को पद से हटाने का संकल्प विचाराधीन हो तो अध्यक्ष को लोकसभा सदस्य की तरह बैठक में शामिल होने, बोलने तथा सामान्य मत देने का अधिकार है, परन्तु वह सदन की अध्यक्षता नहीं कर सकता और न ही निर्णायक मत दे सकता है।