Correct Answer:
Option D - सोनार एक ऐसी तकनीक है जिसमें ध्वनि संचरण का उपयोग पानी की सतह पर या उसके नीचे की वस्तुओं का पता लगाने के लिए किया जाता है। सोनार प्रतिध्वनि के सिद्धांत पर आधारित है। यह अल्ट्रासोनिक तरंगें उत्पन्न करता है, यह तरंगें समुद्र तल पर या समुद्र में कहीं भी स्थित वस्तु तक पहुँचती हैं और परिर्वितत होकर डिटेक्टर द्वारा महसूस की जाती है। इस प्रकार सोनार तकनीकी का उपयोग समुद्र की गहराई निर्धारित करने, पानी के नीचे की पहाड़ियों, पनडुब्बियों, घाटियों, हिमखण्डों आदि का पता लगाने हेतु किया जाता है।
D. सोनार एक ऐसी तकनीक है जिसमें ध्वनि संचरण का उपयोग पानी की सतह पर या उसके नीचे की वस्तुओं का पता लगाने के लिए किया जाता है। सोनार प्रतिध्वनि के सिद्धांत पर आधारित है। यह अल्ट्रासोनिक तरंगें उत्पन्न करता है, यह तरंगें समुद्र तल पर या समुद्र में कहीं भी स्थित वस्तु तक पहुँचती हैं और परिर्वितत होकर डिटेक्टर द्वारा महसूस की जाती है। इस प्रकार सोनार तकनीकी का उपयोग समुद्र की गहराई निर्धारित करने, पानी के नीचे की पहाड़ियों, पनडुब्बियों, घाटियों, हिमखण्डों आदि का पता लगाने हेतु किया जाता है।