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Q: The soil found in the Eastern and Western coasts of India is .......... भारत के पूर्वी और पश्चिमी तटों में पाई जाने वाली मिट्टी ............. है।
  • A. Red Rocky/लाल चट्टानी
  • B. Laterite/लेटेराइट
  • C. Black Cotton/काली कपासी
  • D. Alluvial/कछार
Correct Answer: Option D - भारत के पूर्वी व पश्चिमी तट जो क्रमश: बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर पर है जलोढ़ मृदा (कछार) के क्षेत्र है जिनका निर्माण तरंग अनाच्छादन क्रिया द्वारा (Wave Denudation) हुआ है। जबकि पूर्वी और पश्चिमी घाट पर लैटेराइट मिट्टी पायी जाती है। जैसे– सह्याद्रि, पूर्वी घाट, राजमहल, सतपुड़ा, विन्ध्य तथा मेघालय की पहाडि़यों पर। इन मिट्टियों का स्वरूप ईंट जैसा होता है। भीगने पर ये कोमल तथा सूखने पर कठोर हो जाती हैं। इनका रंग लाल लोहे के ऑक्साइड की उपस्थिति के कारण होता है। ये मिट्टियाँ सामान्यत: लौह तथा एल्यूमीनियम से समृद्ध होती हैं। इनमें नाइट्रोजन, पोटाश, चूना तथा जैविक पदार्थ की कमी होती है।
D. भारत के पूर्वी व पश्चिमी तट जो क्रमश: बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर पर है जलोढ़ मृदा (कछार) के क्षेत्र है जिनका निर्माण तरंग अनाच्छादन क्रिया द्वारा (Wave Denudation) हुआ है। जबकि पूर्वी और पश्चिमी घाट पर लैटेराइट मिट्टी पायी जाती है। जैसे– सह्याद्रि, पूर्वी घाट, राजमहल, सतपुड़ा, विन्ध्य तथा मेघालय की पहाडि़यों पर। इन मिट्टियों का स्वरूप ईंट जैसा होता है। भीगने पर ये कोमल तथा सूखने पर कठोर हो जाती हैं। इनका रंग लाल लोहे के ऑक्साइड की उपस्थिति के कारण होता है। ये मिट्टियाँ सामान्यत: लौह तथा एल्यूमीनियम से समृद्ध होती हैं। इनमें नाइट्रोजन, पोटाश, चूना तथा जैविक पदार्थ की कमी होती है।

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भारत के पूर्वी व पश्चिमी तट जो क्रमश: बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर पर है जलोढ़ मृदा (कछार) के क्षेत्र है जिनका निर्माण तरंग अनाच्छादन क्रिया द्वारा (Wave Denudation) हुआ है। जबकि पूर्वी और पश्चिमी घाट पर लैटेराइट मिट्टी पायी जाती है। जैसे– सह्याद्रि, पूर्वी घाट, राजमहल, सतपुड़ा, विन्ध्य तथा मेघालय की पहाडि़यों पर। इन मिट्टियों का स्वरूप ईंट जैसा होता है। भीगने पर ये कोमल तथा सूखने पर कठोर हो जाती हैं। इनका रंग लाल लोहे के ऑक्साइड की उपस्थिति के कारण होता है। ये मिट्टियाँ सामान्यत: लौह तथा एल्यूमीनियम से समृद्ध होती हैं। इनमें नाइट्रोजन, पोटाश, चूना तथा जैविक पदार्थ की कमी होती है।