Correct Answer:
Option A - सीधा कर्तन परीक्षण केवल ससंजनहीन मृदा (रेत) के लिए ही प्रयोग किया जाता है। इसमें प्रतिदर्श की विफलता क्षैतिज तल तथा पूर्व निर्धारित हो जाता है तथा यह परीक्षण जल निकासी दशा में किया जाता है।
सीधा कर्तन परिक्षण–
1. विफलता तल पहले से ज्ञात होता है। यह क्षैतिज होता है। यह सबसे कमजोर तल है, यह आवश्यक नहीं है।
2. जल दाब को नही मापा जाता है।
3. बहाव पर कोई पकड़ नहीं रहता है।
4. यह परीक्षण केवल रेत के लिए बहाव की स्थिति में किया जाता है
A. सीधा कर्तन परीक्षण केवल ससंजनहीन मृदा (रेत) के लिए ही प्रयोग किया जाता है। इसमें प्रतिदर्श की विफलता क्षैतिज तल तथा पूर्व निर्धारित हो जाता है तथा यह परीक्षण जल निकासी दशा में किया जाता है।
सीधा कर्तन परिक्षण–
1. विफलता तल पहले से ज्ञात होता है। यह क्षैतिज होता है। यह सबसे कमजोर तल है, यह आवश्यक नहीं है।
2. जल दाब को नही मापा जाता है।
3. बहाव पर कोई पकड़ नहीं रहता है।
4. यह परीक्षण केवल रेत के लिए बहाव की स्थिति में किया जाता है