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Q: The property of a material by virtue of which a body returns to its original shape after removal of the load is known as:
  • A. Ductility/तन्यता
  • B. Plasticity/सुघट्यता
  • C. Resilience/प्रत्यास्कंदन
  • D. Elasticity/प्रत्यास्थता
Correct Answer: Option D - प्रत्यास्थता (Elasticity):- किसी पदार्थ का वह गुण जिससे किसी निकाय पर बल हटाने पर वह अपने मूल आकार में लौट आता है, प्रत्यास्थता (Elasticity) कहलाता है। तन्यता (Ductility)– ऐसा पदार्थ जिसमें तनन बल के द्वारा खिंचाव उत्पन्न किया जा सकता है तन्य पदार्थ कहलाते हैं और पदार्थ के इस गुण को ‘तन्यता’ कहते हैं। प्रत्यास्कंदन (Resilience)– प्रत्यास्थता सीमा के अन्दर बाह्य बल लगाने पर जितनी ऊर्जा संचित होती है, उसे प्रत्यास्कंदन कहते है। सुघट्यता (Plasticity) - पदार्थ का ऐसा गुण जिसमें भार लगाकर हटाने पर पदार्थ पुन: अपनी मूल आकृति में नहीं आता, सुघट्यता कहलाता है।
D. प्रत्यास्थता (Elasticity):- किसी पदार्थ का वह गुण जिससे किसी निकाय पर बल हटाने पर वह अपने मूल आकार में लौट आता है, प्रत्यास्थता (Elasticity) कहलाता है। तन्यता (Ductility)– ऐसा पदार्थ जिसमें तनन बल के द्वारा खिंचाव उत्पन्न किया जा सकता है तन्य पदार्थ कहलाते हैं और पदार्थ के इस गुण को ‘तन्यता’ कहते हैं। प्रत्यास्कंदन (Resilience)– प्रत्यास्थता सीमा के अन्दर बाह्य बल लगाने पर जितनी ऊर्जा संचित होती है, उसे प्रत्यास्कंदन कहते है। सुघट्यता (Plasticity) - पदार्थ का ऐसा गुण जिसमें भार लगाकर हटाने पर पदार्थ पुन: अपनी मूल आकृति में नहीं आता, सुघट्यता कहलाता है।

Explanations:

प्रत्यास्थता (Elasticity):- किसी पदार्थ का वह गुण जिससे किसी निकाय पर बल हटाने पर वह अपने मूल आकार में लौट आता है, प्रत्यास्थता (Elasticity) कहलाता है। तन्यता (Ductility)– ऐसा पदार्थ जिसमें तनन बल के द्वारा खिंचाव उत्पन्न किया जा सकता है तन्य पदार्थ कहलाते हैं और पदार्थ के इस गुण को ‘तन्यता’ कहते हैं। प्रत्यास्कंदन (Resilience)– प्रत्यास्थता सीमा के अन्दर बाह्य बल लगाने पर जितनी ऊर्जा संचित होती है, उसे प्रत्यास्कंदन कहते है। सुघट्यता (Plasticity) - पदार्थ का ऐसा गुण जिसमें भार लगाकर हटाने पर पदार्थ पुन: अपनी मूल आकृति में नहीं आता, सुघट्यता कहलाता है।