Correct Answer:
Option C - तलेक्षण की त्रिकोणमितीय तल मापन (trigonometrical levelling) विधि में बिन्दुओं की उच्चता क्षेत्र में मापे गये ऊर्ध्वाधर कोणों एवं क्षैतिज दूरियों के आधार पर ज्ञात कर ली जाती है। यह विधि एक मानक विधि है और इससे प्राप्त परिणाम शुद्ध होते हैं।
नोट–
1. क्षैतिज दूरी को फीते/जरीब द्वारा नापे जाते है तथा ऊर्ध्वाधर कोण को थियोडोलाइट से मापे जाते है।
2. अधिक दूरी पर स्थित और अगम्य बिन्दुओं की उच्चता के लिए प्रयोग किया जाता है।
3. इसे कोणीय तलेक्षण भी कहते है।
∎ जाँच तलेक्षण (check levelling) अथवा उड़न तलेक्षण (fly levelling) का उद्देश्य तलेक्षण कार्य की जाँच करना हैं। इस तलेक्षण में केवल पश्चावलोकन व अग्रावलोकन ही लिये जाते है।
C. तलेक्षण की त्रिकोणमितीय तल मापन (trigonometrical levelling) विधि में बिन्दुओं की उच्चता क्षेत्र में मापे गये ऊर्ध्वाधर कोणों एवं क्षैतिज दूरियों के आधार पर ज्ञात कर ली जाती है। यह विधि एक मानक विधि है और इससे प्राप्त परिणाम शुद्ध होते हैं।
नोट–
1. क्षैतिज दूरी को फीते/जरीब द्वारा नापे जाते है तथा ऊर्ध्वाधर कोण को थियोडोलाइट से मापे जाते है।
2. अधिक दूरी पर स्थित और अगम्य बिन्दुओं की उच्चता के लिए प्रयोग किया जाता है।
3. इसे कोणीय तलेक्षण भी कहते है।
∎ जाँच तलेक्षण (check levelling) अथवा उड़न तलेक्षण (fly levelling) का उद्देश्य तलेक्षण कार्य की जाँच करना हैं। इस तलेक्षण में केवल पश्चावलोकन व अग्रावलोकन ही लिये जाते है।