Correct Answer:
Option D - सिविल इंजीनियरिंग में कंक्रीट में इस्पात का उपयोग किया जाता है क्योंकि यह अन्य धातुओ की तुलना में इसका प्रत्यास्थता मापांक बहुत ज्यादा होता है जिसके कारण इसकी तनन सामर्थ्य बहुत ज्यादा होती है।
इस्पात का प्रत्यास्थता मापांक (E) = 2×105 N/mm²
इस्पात का उष्मीय प्रसार गुणांक का मान कंक्रीट के उष्मीय प्रसार गुणांक के लगभग बराबर होता है।
मृदु इस्पात की तन्यता उच्च होती है इसलिए इसमें विफलता अचानक नही होती है।
D. सिविल इंजीनियरिंग में कंक्रीट में इस्पात का उपयोग किया जाता है क्योंकि यह अन्य धातुओ की तुलना में इसका प्रत्यास्थता मापांक बहुत ज्यादा होता है जिसके कारण इसकी तनन सामर्थ्य बहुत ज्यादा होती है।
इस्पात का प्रत्यास्थता मापांक (E) = 2×105 N/mm²
इस्पात का उष्मीय प्रसार गुणांक का मान कंक्रीट के उष्मीय प्रसार गुणांक के लगभग बराबर होता है।
मृदु इस्पात की तन्यता उच्च होती है इसलिए इसमें विफलता अचानक नही होती है।