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Q: The primary function of the book-keeping is to पुस्तपालन का मुख्य कार्य है
  • A. Designing the system of recording the transactions लेनदेनों के अभिलेखन की प्रणाली तैयार करना
  • B. Assigning the responsibility to accountant लेखाकार को जिम्मेदारी सौंपना
  • C. Recording of financial data वित्तीय समंकों का अभिलेखन करना
  • D. Classifying the recorded data अभिलेखित समंकों का वर्गीकरण करना
Correct Answer: Option C - पुस्तपालन (Book-Keeping) का कार्य व्यापारिक लेन-देनों को नियमानुसार क्रमबद्ध रूप से प्रारम्भिक लेखे की पुस्तकों में लिखना तथा उनका सम्बन्धित खातों में वर्गीकरण करना होता है। इसके अन्तर्गत आने वाले कार्य है- i. जर्नल तथा अन्य सहायक बहियों में लेखा करना। ii. खाता-बही में खतौनी करना। iii. खातों का शेष निकालना स्पष्ट है कि पुस्तपालन का मुख्य कार्य वित्तीय संमकों का अभिलेखन करना होता है।
C. पुस्तपालन (Book-Keeping) का कार्य व्यापारिक लेन-देनों को नियमानुसार क्रमबद्ध रूप से प्रारम्भिक लेखे की पुस्तकों में लिखना तथा उनका सम्बन्धित खातों में वर्गीकरण करना होता है। इसके अन्तर्गत आने वाले कार्य है- i. जर्नल तथा अन्य सहायक बहियों में लेखा करना। ii. खाता-बही में खतौनी करना। iii. खातों का शेष निकालना स्पष्ट है कि पुस्तपालन का मुख्य कार्य वित्तीय संमकों का अभिलेखन करना होता है।

Explanations:

पुस्तपालन (Book-Keeping) का कार्य व्यापारिक लेन-देनों को नियमानुसार क्रमबद्ध रूप से प्रारम्भिक लेखे की पुस्तकों में लिखना तथा उनका सम्बन्धित खातों में वर्गीकरण करना होता है। इसके अन्तर्गत आने वाले कार्य है- i. जर्नल तथा अन्य सहायक बहियों में लेखा करना। ii. खाता-बही में खतौनी करना। iii. खातों का शेष निकालना स्पष्ट है कि पुस्तपालन का मुख्य कार्य वित्तीय संमकों का अभिलेखन करना होता है।