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Q: The polarity is maximum in सबसे उच्च ध्रुवता किसमें पाई जाती है?
  • A. – F
  • B. O – F
  • C. F – F
  • D. C – F
Correct Answer: Option D - जब दो विपरीत आवेश युक्त आयन एक-दूसरे के निकट आते हैं तो धन आवेश युक्त धनायन, ऋणायन के वाह्तम इलेक्ट्रॉनो को आकर्षित करता है एवं उसके नाभिक को प्रतिकर्षित करता है। इसके फलस्वरूप ऋणायन विकृत हो जाता है तथा इसका इलेक्ट्रॉन घनत्व धनायन की ओर खिसक जाता है जिसके कारण दोनो के मध्य इलेक्ट्रॉनों का साक्षा हो जाता है। इस घटना को ध्रुवण कहा जाता है। किसी अणु में किसी तत्व के परमाणुओं की साझे के इलेक्ट्रॉनों को अपनी ओर आकर्षित करने की प्रवृत्ति को उस तत्व की विद्युत ऋणात्मकता कहते है। दो भिन्न तत्वो में ऋण-विद्युतताओं में जितना अधिक होता है, उनके परमाणुओ के मध्य बने बन्ध में आयनिक लक्षण उतना ही अधिक होता है चूंकि क्लोरीन की विद्युत ऋणात्मकता सबसे अधिक है। अत: C-F में सबसे उच्च ध्रुवता पाई जाती है।
D. जब दो विपरीत आवेश युक्त आयन एक-दूसरे के निकट आते हैं तो धन आवेश युक्त धनायन, ऋणायन के वाह्तम इलेक्ट्रॉनो को आकर्षित करता है एवं उसके नाभिक को प्रतिकर्षित करता है। इसके फलस्वरूप ऋणायन विकृत हो जाता है तथा इसका इलेक्ट्रॉन घनत्व धनायन की ओर खिसक जाता है जिसके कारण दोनो के मध्य इलेक्ट्रॉनों का साक्षा हो जाता है। इस घटना को ध्रुवण कहा जाता है। किसी अणु में किसी तत्व के परमाणुओं की साझे के इलेक्ट्रॉनों को अपनी ओर आकर्षित करने की प्रवृत्ति को उस तत्व की विद्युत ऋणात्मकता कहते है। दो भिन्न तत्वो में ऋण-विद्युतताओं में जितना अधिक होता है, उनके परमाणुओ के मध्य बने बन्ध में आयनिक लक्षण उतना ही अधिक होता है चूंकि क्लोरीन की विद्युत ऋणात्मकता सबसे अधिक है। अत: C-F में सबसे उच्च ध्रुवता पाई जाती है।

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जब दो विपरीत आवेश युक्त आयन एक-दूसरे के निकट आते हैं तो धन आवेश युक्त धनायन, ऋणायन के वाह्तम इलेक्ट्रॉनो को आकर्षित करता है एवं उसके नाभिक को प्रतिकर्षित करता है। इसके फलस्वरूप ऋणायन विकृत हो जाता है तथा इसका इलेक्ट्रॉन घनत्व धनायन की ओर खिसक जाता है जिसके कारण दोनो के मध्य इलेक्ट्रॉनों का साक्षा हो जाता है। इस घटना को ध्रुवण कहा जाता है। किसी अणु में किसी तत्व के परमाणुओं की साझे के इलेक्ट्रॉनों को अपनी ओर आकर्षित करने की प्रवृत्ति को उस तत्व की विद्युत ऋणात्मकता कहते है। दो भिन्न तत्वो में ऋण-विद्युतताओं में जितना अधिक होता है, उनके परमाणुओ के मध्य बने बन्ध में आयनिक लक्षण उतना ही अधिक होता है चूंकि क्लोरीन की विद्युत ऋणात्मकता सबसे अधिक है। अत: C-F में सबसे उच्च ध्रुवता पाई जाती है।