Correct Answer:
Option A - बेट्राकोस्पर्मम के पौधे ग्लोमेरूल के कारण मणिकायुक्त प्रदर्शित होते है। बेट्राकोस्पर्मम थैलस प्रोस्ट्रेट व इरेक्ट सिस्टम में विभक्त होता है प्रोस्ट्रेट शाखाएं थैसल को सब्स्ट्रेटम से पकड़े रखती है। जबकि इरेक्ट सिस्टम जल में स्वतंत्र रूप से तैरता है।
थैलस एक कोशकीय होता है। थैलस का एक्सिस (axis) नोड व इन्टर नोड में विभक्त रहता है और यह एपिकल कोशिका से निकलता है। मुख्य एक्सिस के नोड से दो प्रकार की शाखायें निकलती हैं–(1) ब्रांच ऑफ लिमिटेड ग्रोथ, (2) ब्रांच ऑफ अनलिमिटेड ग्रोथ। जब वर्ल (whorl) ऑफ अनलिमिटेड ग्रोथ नोड पर उपस्थित होता है तो इसे ग्लोमरूल कहते हैं ये ग्लोमेरूल आकार में समान होते हैं इसकी उपस्थिति के कारण बेट्राकोस्पर्मम का पौधा मणिकायुक्त प्रदर्शित होते हैं।
A. बेट्राकोस्पर्मम के पौधे ग्लोमेरूल के कारण मणिकायुक्त प्रदर्शित होते है। बेट्राकोस्पर्मम थैलस प्रोस्ट्रेट व इरेक्ट सिस्टम में विभक्त होता है प्रोस्ट्रेट शाखाएं थैसल को सब्स्ट्रेटम से पकड़े रखती है। जबकि इरेक्ट सिस्टम जल में स्वतंत्र रूप से तैरता है।
थैलस एक कोशकीय होता है। थैलस का एक्सिस (axis) नोड व इन्टर नोड में विभक्त रहता है और यह एपिकल कोशिका से निकलता है। मुख्य एक्सिस के नोड से दो प्रकार की शाखायें निकलती हैं–(1) ब्रांच ऑफ लिमिटेड ग्रोथ, (2) ब्रांच ऑफ अनलिमिटेड ग्रोथ। जब वर्ल (whorl) ऑफ अनलिमिटेड ग्रोथ नोड पर उपस्थित होता है तो इसे ग्लोमरूल कहते हैं ये ग्लोमेरूल आकार में समान होते हैं इसकी उपस्थिति के कारण बेट्राकोस्पर्मम का पौधा मणिकायुक्त प्रदर्शित होते हैं।