Correct Answer:
Option B - केशनली में द्रव के ऊपर चढ़ने या नीचे उतरने की प्रक्रिया को केशिकात्व कहा जाता है। केशिकात्व नली जितनी पतली होगी तरल उतनी ही ऊँचाई तक चढ़ता है। सामान्यत: जो तरल काँच को नहीं भिगोता है जैसे पारा (Mercury) वह केशनली में नीचे उतर जाता है और ससंजक क्रिया आसंजक क्रिया की अपेक्षा अधिक होती है।
B. केशनली में द्रव के ऊपर चढ़ने या नीचे उतरने की प्रक्रिया को केशिकात्व कहा जाता है। केशिकात्व नली जितनी पतली होगी तरल उतनी ही ऊँचाई तक चढ़ता है। सामान्यत: जो तरल काँच को नहीं भिगोता है जैसे पारा (Mercury) वह केशनली में नीचे उतर जाता है और ससंजक क्रिया आसंजक क्रिया की अपेक्षा अधिक होती है।