Correct Answer:
Option B - ∎ प्रज्ज्वलन और अग्नि बिन्दु परीक्षण के लिए पेंस्की-मार्टन बन्द कप उपकरण का प्रयोग किया जाता है।
∎ बिटूमन को उपकरण में डालकर ताप बढ़ाया जाता है व उस ताप को नोट करते हैं जिस ताप पर बिटूमन में फ्लैश उत्पन्न होती है उसे प्रज्ज्वलन ताप कहते है। इसका ताप और बढ़ाया जाता है तो जिस ताप पर बिटूमन में 5 sec. के लिए फ्लैश उत्पन्न होती है, उसे अग्नि बिन्दु (fire point) कहते है।
∎ प्रज्ज्वलन ताप पेंस्की-मार्टन बन्द कप के लिए 175ºC से कम नही होना चाहिए।
B. ∎ प्रज्ज्वलन और अग्नि बिन्दु परीक्षण के लिए पेंस्की-मार्टन बन्द कप उपकरण का प्रयोग किया जाता है।
∎ बिटूमन को उपकरण में डालकर ताप बढ़ाया जाता है व उस ताप को नोट करते हैं जिस ताप पर बिटूमन में फ्लैश उत्पन्न होती है उसे प्रज्ज्वलन ताप कहते है। इसका ताप और बढ़ाया जाता है तो जिस ताप पर बिटूमन में 5 sec. के लिए फ्लैश उत्पन्न होती है, उसे अग्नि बिन्दु (fire point) कहते है।
∎ प्रज्ज्वलन ताप पेंस्की-मार्टन बन्द कप के लिए 175ºC से कम नही होना चाहिए।