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Q: The objective of vouching is : प्रमाणन का उद्देश्य है :
  • A. Getting knowledge of business transactions व्यापारिक लेनदेनों की जानकारी प्राप्त करना
  • B. Getting knowledge of non-business transactions गैर-व्यापारिक लेनदेनों की जानकारी प्राप्त करना
  • C. (A) and (B) both/(A) और (B) दोनों
  • D. None of the above/उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option C - प्रमाणकों की सहायता से लेखा-पुस्तकों की प्रविष्टियों की जाँच करने की विधि को प्रमाणन (Vouching) कहा जाता है। प्रमाणन का मुख्य उद्देश्य लेनदेन, धोखाधड़ी और त्रुटियों की नियमितता या अनियमितता का पता लगाना है। प्रमाणन के प्रमुख उद्देश्य निम्न हैं। 1. त्रुटियों और धोखाधड़ी का पता लगाना। 2. खाते की सच्चाई जानना। 3. अपरिवर्तित लेनदेन का पता लगाना। 4. व्यापार से संबंधित सभी लेनदेनों का पुस्तकों में लेखा। 5. गैर व्यापारिक लेनदेनों का पता लगाना। 6. सभी लेखों के नियमानुसार होने की जाँच करना। 7. प्रमाणकों की शुद्धता की जानकारी प्राप्त करना भी नितांत आवश्यक है।
C. प्रमाणकों की सहायता से लेखा-पुस्तकों की प्रविष्टियों की जाँच करने की विधि को प्रमाणन (Vouching) कहा जाता है। प्रमाणन का मुख्य उद्देश्य लेनदेन, धोखाधड़ी और त्रुटियों की नियमितता या अनियमितता का पता लगाना है। प्रमाणन के प्रमुख उद्देश्य निम्न हैं। 1. त्रुटियों और धोखाधड़ी का पता लगाना। 2. खाते की सच्चाई जानना। 3. अपरिवर्तित लेनदेन का पता लगाना। 4. व्यापार से संबंधित सभी लेनदेनों का पुस्तकों में लेखा। 5. गैर व्यापारिक लेनदेनों का पता लगाना। 6. सभी लेखों के नियमानुसार होने की जाँच करना। 7. प्रमाणकों की शुद्धता की जानकारी प्राप्त करना भी नितांत आवश्यक है।

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प्रमाणकों की सहायता से लेखा-पुस्तकों की प्रविष्टियों की जाँच करने की विधि को प्रमाणन (Vouching) कहा जाता है। प्रमाणन का मुख्य उद्देश्य लेनदेन, धोखाधड़ी और त्रुटियों की नियमितता या अनियमितता का पता लगाना है। प्रमाणन के प्रमुख उद्देश्य निम्न हैं। 1. त्रुटियों और धोखाधड़ी का पता लगाना। 2. खाते की सच्चाई जानना। 3. अपरिवर्तित लेनदेन का पता लगाना। 4. व्यापार से संबंधित सभी लेनदेनों का पुस्तकों में लेखा। 5. गैर व्यापारिक लेनदेनों का पता लगाना। 6. सभी लेखों के नियमानुसार होने की जाँच करना। 7. प्रमाणकों की शुद्धता की जानकारी प्राप्त करना भी नितांत आवश्यक है।