Correct Answer:
Option A - सुपोषण नदियों, झीलों, तालाबों की प्राकृतिक अवधि का बोध कराता है, जो इनके निर्माण के समय को जानने में मदद करता है। समय के साथ नदियों एवं अन्य जलाशयों में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस के नाइट्रेट एवं सल्फेट के यौगिकों की मात्रा बढ़ने लगती है। जलाशयों में कार्बनिक यौगिकों के बढ़ने के साथ जीवों की संख्या भी बढ़ती है, इसी स्थिति को सुपोषण कहा जाता है। सुपोषण अनुक्रमण (Succession) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
A. सुपोषण नदियों, झीलों, तालाबों की प्राकृतिक अवधि का बोध कराता है, जो इनके निर्माण के समय को जानने में मदद करता है। समय के साथ नदियों एवं अन्य जलाशयों में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस के नाइट्रेट एवं सल्फेट के यौगिकों की मात्रा बढ़ने लगती है। जलाशयों में कार्बनिक यौगिकों के बढ़ने के साथ जीवों की संख्या भी बढ़ती है, इसी स्थिति को सुपोषण कहा जाता है। सुपोषण अनुक्रमण (Succession) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।