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Q: The mural named 'King of the Dark Chamber' is created in which city? ‘किंग ऑफ द डार्क चैम्बर’ नामक म्यूरल किस शहर में बना हुआ है?
  • A. Lucknow/लखनऊ
  • B. Bangalore/बैंगलोर
  • C. Jaipur/जयपुर
  • D. Kochi/कोच्चि
Correct Answer: Option A - ‘किंग ऑफ डार्क चेम्बर’ 1962-63 में के.जी. सुब्रमण्यम ने लखनऊ स्थित रविन्द्रालय के बाहरी हिस्से के लिये अपना बड़ा और प्रसिद्ध म्यूरल बनाया। • हैदराबाद के प्रसिद्ध कलाकार लक्ष्मा गौड़ वर्ष 1969 में नई दिल्ली के ‘गाँधी दर्शन’ म्यूरल में उनके एक सहयोगी थे। • के.जी. द्वारा लिखी गई अनेक पुस्तकों में ‘मुविंग फोकस, ‘द लीविंग-ट्रेडिसन, पर्सपेक्टिव ऑन माडर्न इण्डियन आर्ट आदि की ख्याति ऐसी पुस्तकों के रूप में है। शिक्षक के रूप में के.जी. बड़ौदा में बहुत प्रसिद्ध रहे। • के.जी. चित्रकार, मूर्ति शिल्पी, म्यूरलिस्ट, प्रिंट मेकर, लेखक-कवि व कला चिन्तक है।
A. ‘किंग ऑफ डार्क चेम्बर’ 1962-63 में के.जी. सुब्रमण्यम ने लखनऊ स्थित रविन्द्रालय के बाहरी हिस्से के लिये अपना बड़ा और प्रसिद्ध म्यूरल बनाया। • हैदराबाद के प्रसिद्ध कलाकार लक्ष्मा गौड़ वर्ष 1969 में नई दिल्ली के ‘गाँधी दर्शन’ म्यूरल में उनके एक सहयोगी थे। • के.जी. द्वारा लिखी गई अनेक पुस्तकों में ‘मुविंग फोकस, ‘द लीविंग-ट्रेडिसन, पर्सपेक्टिव ऑन माडर्न इण्डियन आर्ट आदि की ख्याति ऐसी पुस्तकों के रूप में है। शिक्षक के रूप में के.जी. बड़ौदा में बहुत प्रसिद्ध रहे। • के.जी. चित्रकार, मूर्ति शिल्पी, म्यूरलिस्ट, प्रिंट मेकर, लेखक-कवि व कला चिन्तक है।

Explanations:

‘किंग ऑफ डार्क चेम्बर’ 1962-63 में के.जी. सुब्रमण्यम ने लखनऊ स्थित रविन्द्रालय के बाहरी हिस्से के लिये अपना बड़ा और प्रसिद्ध म्यूरल बनाया। • हैदराबाद के प्रसिद्ध कलाकार लक्ष्मा गौड़ वर्ष 1969 में नई दिल्ली के ‘गाँधी दर्शन’ म्यूरल में उनके एक सहयोगी थे। • के.जी. द्वारा लिखी गई अनेक पुस्तकों में ‘मुविंग फोकस, ‘द लीविंग-ट्रेडिसन, पर्सपेक्टिव ऑन माडर्न इण्डियन आर्ट आदि की ख्याति ऐसी पुस्तकों के रूप में है। शिक्षक के रूप में के.जी. बड़ौदा में बहुत प्रसिद्ध रहे। • के.जी. चित्रकार, मूर्ति शिल्पी, म्यूरलिस्ट, प्रिंट मेकर, लेखक-कवि व कला चिन्तक है।