Correct Answer:
Option B - हैशिंग का उपयोग डेटा की इंटीग्रिटी को सत्यापित करने के लिए किया जाता है। हैशिंग एक प्रक्रिया है जिसमें डेटा को एक फिक्स्ड साइज के यूनिक आउटपुट (हैश) में परिवर्तित किया जाता हैं अगर डेटा में कोई भी बदलाव होता है, तो उसका हैश वैल्यू बदल जाता है, जिससे डेटा की अखंडता (Integrity) की जांच की जा सकती है।
B. हैशिंग का उपयोग डेटा की इंटीग्रिटी को सत्यापित करने के लिए किया जाता है। हैशिंग एक प्रक्रिया है जिसमें डेटा को एक फिक्स्ड साइज के यूनिक आउटपुट (हैश) में परिवर्तित किया जाता हैं अगर डेटा में कोई भी बदलाव होता है, तो उसका हैश वैल्यू बदल जाता है, जिससे डेटा की अखंडता (Integrity) की जांच की जा सकती है।