Correct Answer:
Option D - विद्युत धारा ले जाने वाली एक लंबी, सीधी परिनालिका के अन्दर चुम्बकीय क्षेत्र एक समान और परिनालिका के अक्ष के समानांतर होता है। परिनालिका एक बेलनाकार कुण्डली होती है, जिसमें तार के कई पेâरे लपटे होते है। जब इस कुण्डली में विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो इसके अन्दर एक चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है। परिनालिका के अन्दर चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता उसमें प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा के सीधे आनुपातिक होता है।
D. विद्युत धारा ले जाने वाली एक लंबी, सीधी परिनालिका के अन्दर चुम्बकीय क्षेत्र एक समान और परिनालिका के अक्ष के समानांतर होता है। परिनालिका एक बेलनाकार कुण्डली होती है, जिसमें तार के कई पेâरे लपटे होते है। जब इस कुण्डली में विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो इसके अन्दर एक चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है। परिनालिका के अन्दर चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता उसमें प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा के सीधे आनुपातिक होता है।