Correct Answer:
Option B - दृष्टि रेखा (line of sight) - जब पाणसल का बुलबुला नलिका के ठीक मध्य (centre) में होता है, तब दृष्टि रेखा ठीक क्षैतिज होती है और पाणसल अक्ष के समान्तर भी होती है।
(i) क्षैतिज अक्ष, ऊर्ध्वाधर अक्ष के लम्ब होना चाहिए।
(ii) प्लेट स्तर की अक्ष, ऊर्ध्वाधर अक्ष के लम्ब होनी चाहिए।
(iii) स्ट्रीडिंग स्तर की अक्ष, क्षैतिज अक्ष के समानांतर होनी चाहिए।
(iv) ऊँचाई स्तर की अक्ष, संधान रेखा के समानांतर होनी चाहिए।
(v) संधान रेखा, प्लेट स्तर अक्ष के समानांतर होनी चाहिए।
B. दृष्टि रेखा (line of sight) - जब पाणसल का बुलबुला नलिका के ठीक मध्य (centre) में होता है, तब दृष्टि रेखा ठीक क्षैतिज होती है और पाणसल अक्ष के समान्तर भी होती है।
(i) क्षैतिज अक्ष, ऊर्ध्वाधर अक्ष के लम्ब होना चाहिए।
(ii) प्लेट स्तर की अक्ष, ऊर्ध्वाधर अक्ष के लम्ब होनी चाहिए।
(iii) स्ट्रीडिंग स्तर की अक्ष, क्षैतिज अक्ष के समानांतर होनी चाहिए।
(iv) ऊँचाई स्तर की अक्ष, संधान रेखा के समानांतर होनी चाहिए।
(v) संधान रेखा, प्लेट स्तर अक्ष के समानांतर होनी चाहिए।