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Q: The largest National Park in Madhya Pradesh is मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है
  • A. Kanha/कान्हा
  • B. Chambal/चम्बल
  • C. Sanjay Sagar/संजय सागर
  • D. Sardarpur/सरदारपुर
Correct Answer: Option A - मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान कान्हा किसली राष्ट्रीय उद्यान है। यह राष्ट्रीय उद्यान मण्डला जिले में स्थित है। इसकी स्थापना 1955 में की गई थी तथा प्रोजेक्ट टाइगर के अन्तर्गत 1974 में शामिल होने वाला प्रथम उद्यान है। इस राष्ट्रीय उद्यान में उष्ण कटिबंधीय और शुष्क पर्णपाती वन पाये जाते हैं तथा उद्यान में बैगा जनजाति निवास करती है। ∎ चम्बल एक अभ्यारण्य है जो मुरैना में है। इसकी स्थापना 1978 में की गई थी। ∎ संजय सागर एक अभ्यारण्य है जो सीधी जिले में है। इसकी स्थापना सन् 1981 में की गई थी। ∎ सरदारपुर एक अभ्यारण्य है, यह धार जिले में है। इसकी स्थापना 1983 में की गई थी। यह खरमौर पक्षी के लिए संवद्र्धन किया गया था।
A. मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान कान्हा किसली राष्ट्रीय उद्यान है। यह राष्ट्रीय उद्यान मण्डला जिले में स्थित है। इसकी स्थापना 1955 में की गई थी तथा प्रोजेक्ट टाइगर के अन्तर्गत 1974 में शामिल होने वाला प्रथम उद्यान है। इस राष्ट्रीय उद्यान में उष्ण कटिबंधीय और शुष्क पर्णपाती वन पाये जाते हैं तथा उद्यान में बैगा जनजाति निवास करती है। ∎ चम्बल एक अभ्यारण्य है जो मुरैना में है। इसकी स्थापना 1978 में की गई थी। ∎ संजय सागर एक अभ्यारण्य है जो सीधी जिले में है। इसकी स्थापना सन् 1981 में की गई थी। ∎ सरदारपुर एक अभ्यारण्य है, यह धार जिले में है। इसकी स्थापना 1983 में की गई थी। यह खरमौर पक्षी के लिए संवद्र्धन किया गया था।

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मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान कान्हा किसली राष्ट्रीय उद्यान है। यह राष्ट्रीय उद्यान मण्डला जिले में स्थित है। इसकी स्थापना 1955 में की गई थी तथा प्रोजेक्ट टाइगर के अन्तर्गत 1974 में शामिल होने वाला प्रथम उद्यान है। इस राष्ट्रीय उद्यान में उष्ण कटिबंधीय और शुष्क पर्णपाती वन पाये जाते हैं तथा उद्यान में बैगा जनजाति निवास करती है। ∎ चम्बल एक अभ्यारण्य है जो मुरैना में है। इसकी स्थापना 1978 में की गई थी। ∎ संजय सागर एक अभ्यारण्य है जो सीधी जिले में है। इसकी स्थापना सन् 1981 में की गई थी। ∎ सरदारपुर एक अभ्यारण्य है, यह धार जिले में है। इसकी स्थापना 1983 में की गई थी। यह खरमौर पक्षी के लिए संवद्र्धन किया गया था।