Correct Answer:
Option A - भारत में पुर्तगाली शासन को समाप्त करने वाले ‘इंस्ट्रूमेंट ऑफ सरेंडर पर 19 दिसंबर 1961 ई. को हस्ताक्षर किया गया।
गोवा को पुर्तगाली शासन से स्वतंत्र कराने के लिए 1955 में 300 सत्याग्रहियों ने अहिंसक आन्दोलन शुरू किया। ये सत्याग्रही जनमत संग्रह की मांग कर रहे थे। बदले में पुर्तगाली सेनाओं ने निहत्थी जनता पर गोली चलायी। जिससे विवस होकर भारत सरकार ने 18 दिसम्बर 1961 को ‘आपरेशन विजय’ नामक कार्यवाही की। भारतीय सेना के 36 घण्टे की कार्यवाही के बाद पुर्तगाली सेना ने समर्पण कर दिया। इस प्रकार 19 दिसम्बर 1961 को गोवा तथा दमन-दीव को स्वतंत्र करा लिया गया। सन् 1987 में गोवा भारत का 25वां राज्य बना तथा दमन दीव केन्द्र शासित प्रदेश बना। गोवा कांग्रेस के संस्थापक बिस्ताओं ब्रंगाजा कुन्हा थे। इन्हें गोवा राष्ट्रीय आन्दोलन का पिता भी कहा जाता था।
A. भारत में पुर्तगाली शासन को समाप्त करने वाले ‘इंस्ट्रूमेंट ऑफ सरेंडर पर 19 दिसंबर 1961 ई. को हस्ताक्षर किया गया।
गोवा को पुर्तगाली शासन से स्वतंत्र कराने के लिए 1955 में 300 सत्याग्रहियों ने अहिंसक आन्दोलन शुरू किया। ये सत्याग्रही जनमत संग्रह की मांग कर रहे थे। बदले में पुर्तगाली सेनाओं ने निहत्थी जनता पर गोली चलायी। जिससे विवस होकर भारत सरकार ने 18 दिसम्बर 1961 को ‘आपरेशन विजय’ नामक कार्यवाही की। भारतीय सेना के 36 घण्टे की कार्यवाही के बाद पुर्तगाली सेना ने समर्पण कर दिया। इस प्रकार 19 दिसम्बर 1961 को गोवा तथा दमन-दीव को स्वतंत्र करा लिया गया। सन् 1987 में गोवा भारत का 25वां राज्य बना तथा दमन दीव केन्द्र शासित प्रदेश बना। गोवा कांग्रेस के संस्थापक बिस्ताओं ब्रंगाजा कुन्हा थे। इन्हें गोवा राष्ट्रीय आन्दोलन का पिता भी कहा जाता था।