उस वेन आरेख का चयन कीजिए, जो निम्नलिखित वर्गों के बीच के संबंध को सर्वोत्तम ढंग से निरूपित करता है। स्तनधारी, जेबरा, पशु
Parliament, enables the citizens of India to ___ and as such it is the most important symbol of Indian democracy and a key feature of the constitution.
हाल ही में किसे लद्दाख का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है?
The sum of squares of two positive numbers is 145. If the square root of one of the numbers is 3, then find the other number. ‘‘दो धनात्मक संख्याओं के वर्गों का योग 145 है। यदि उनमें से एक संख्या का वर्गमूल 3 है, तो दूसरी संख्या ज्ञात कीजिए।’’
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उत्तर प्रदेश को पहले संयुक्त प्रांत के रूप में जाना जाता था। इसे किस वर्ष उत्तर प्रदेश का नाम दिया गया था?
किस केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षुता और प्रशिक्षण योजना 2.0 पोर्टल लॉन्च किया?
निम्नलिखित में से कौन सा गुण शिक्षक का नहीं है?
प्रदत्तप्रश्नानां (प्रश्न संख्या(233-242) विकल्पोत्तरेषु समुचितम् उत्तरं चित्वा लिखत। अस्ति वाराणस्यां कर्पूरपटको नाम रजक:। स च एकदा अभिनववयस्कया वध्वा सह चिरं केलिं कृत्वा निर्भरमालिङ्ग्य प्रसुप्त:। तदनन्तरं तद्गृहद्रव्याणि हर्तुं चोर: प्रविष्ट:। तस्य प्राङ्गणे गर्दभो बद्धस्तिष्ठति कुक्कुरश्च उपविष्ट: अस्ति। अथ गर्दभ: श्वानमाह- सखे, भवतस्तावदयं व्यापार:। तत् किमिति। त्वम् उच्चै: शब्दं कृत्वा स्वामिनं न जागरयसि? कुक्कुरो ब्रूते-भद्र मम नियोगस्य चर्चा त्वया न कर्तव्या। त्वमेव किम् न जानासि यथा तस्य अहर्निशं गृहरक्षां करोमि। यतोऽयं चिरान्निवृत्तो ममोपयोगं न जानाति। तेनाधुनापि मम आहारदाने मन्दादर:। यतो विना विधुरदर्शनं स्वामिन उपजीविषु मन्दादरा भवन्ति। गर्दभो ब्रूते शृणु रे बर्बर। याचते कार्यकाले य: स किम् भृत्य: स किम् सुह्रत्? कुक्कुरो ब्रूते – शृणु तावत्। भृत्यान्संभाषयेद्यस्तु कार्यकाले स किम् प्रभु: यत:- आश्रितानां भृतौ स्वामिसेवायां धर्मसेवने। पुत्रस्योत्पादने चैव न सन्ति प्रतिहस्तका:।। ततो गर्दभ: सकोपमाह – अरे दुष्टमते! पापीयांस्त्वं यद्विपत्तौ स्वामिकार्योपेक्षां करोषि। भवतु तावत्। यथा स्वामी जागरिष्यति तन्मया कर्तव्यम्। यत: पृष्ठत: सेवयेदर्कम् जठरेण हुताशनम्। स्वामिनं सर्वभावेन परलोकममायया।। इत्युक्त्वा उच्चै: चीत्कारशब्दं कृतवान्। तत: रजक: तेन चीत्कारेण प्रबुद्धो निद्राभङ्गकोपात् उत्थाय गर्दभं लगुडेन ताडयामास। अतोऽहं ब्रवीमि- पराधिकारचर्चां य: कुर्यात् स्वामिहितेच्छया। स विषीदति चीत्कारात् गर्दभ: ताडितो यथा।। रजक: कस्मात् प्रबुद्ध:?
ARPANET का पूर्ण रूप क्या है?
Explanations:
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