search
Q: The horizontal angle between the direction given by a magnetic compass needle and geographic north is called________/चुम्बकीय दिक्सूचक सुई और भौगोलिक याम्योत्तर के बीच का बना क्षैतिज कोण कहलाता है-
  • A. Magnetic inclination/चुम्बकीय अवनत
  • B. Magnetic deviation/चुम्बकीय विचलन
  • C. Magnetic convergence/चुम्बकीय अभिसरण
  • D. Magnetic declination/चुम्बकीय दिक्पात
Correct Answer: Option D - चुम्बकीय दिक्पात (Magnetic declination): पृथ्वी के कुछ स्थानों को छोड़कर अन्य जगहों पर चुम्बकीय याम्योत्तर (magnetic meridian), भौगोलिक याम्योत्तर से ठीक मेल नहीं खाता है। इसका कारण पृथ्वी पर चुम्बकीय बलों की दिशा में भिन्नता होना बताया जाता है। अत: चुम्बकीय याम्योत्तर सत्य याम्योत्तर के दायी अथवा बायीं तरफ झुक जाता है। चुम्बकीय याम्योत्तर, इस प्रकार झुक कर भौगोलिक याम्योत्तर से जो क्षैतिज कोण बनता है, उसे चुम्बकीय दिक्पात कहते हैं। सत्य दिक्मान = चुम्बकीय दिक्मान ± दिक्पात ∎ जब दिक्पात पूर्व में हो तो (+) चिह्न और यदि पश्चिम में हो तो (–) चिन्ह का प्रयोग किया जाता है।
D. चुम्बकीय दिक्पात (Magnetic declination): पृथ्वी के कुछ स्थानों को छोड़कर अन्य जगहों पर चुम्बकीय याम्योत्तर (magnetic meridian), भौगोलिक याम्योत्तर से ठीक मेल नहीं खाता है। इसका कारण पृथ्वी पर चुम्बकीय बलों की दिशा में भिन्नता होना बताया जाता है। अत: चुम्बकीय याम्योत्तर सत्य याम्योत्तर के दायी अथवा बायीं तरफ झुक जाता है। चुम्बकीय याम्योत्तर, इस प्रकार झुक कर भौगोलिक याम्योत्तर से जो क्षैतिज कोण बनता है, उसे चुम्बकीय दिक्पात कहते हैं। सत्य दिक्मान = चुम्बकीय दिक्मान ± दिक्पात ∎ जब दिक्पात पूर्व में हो तो (+) चिह्न और यदि पश्चिम में हो तो (–) चिन्ह का प्रयोग किया जाता है।

Explanations:

चुम्बकीय दिक्पात (Magnetic declination): पृथ्वी के कुछ स्थानों को छोड़कर अन्य जगहों पर चुम्बकीय याम्योत्तर (magnetic meridian), भौगोलिक याम्योत्तर से ठीक मेल नहीं खाता है। इसका कारण पृथ्वी पर चुम्बकीय बलों की दिशा में भिन्नता होना बताया जाता है। अत: चुम्बकीय याम्योत्तर सत्य याम्योत्तर के दायी अथवा बायीं तरफ झुक जाता है। चुम्बकीय याम्योत्तर, इस प्रकार झुक कर भौगोलिक याम्योत्तर से जो क्षैतिज कोण बनता है, उसे चुम्बकीय दिक्पात कहते हैं। सत्य दिक्मान = चुम्बकीय दिक्मान ± दिक्पात ∎ जब दिक्पात पूर्व में हो तो (+) चिह्न और यदि पश्चिम में हो तो (–) चिन्ह का प्रयोग किया जाता है।