Correct Answer:
Option D - इलेक्ट्रॉन बीम की वेल्डिंग में इलेक्ट्रान बीम (Electron beam) का प्रयोग किया जाता है।
फ्यूजन के लिये ऊष्मा तेज गति से आ रहे इलेक्ट्रानों के कार्य खण्ड पर टकराने से प्राप्त होता है।
इस वेल्डिंग में जोड़ने वाली सतहों के मध्य 0.050mm से 0.075 मिमी. की दूरी रखी जाती है।
10–4 से 10–5 टौर (Tor) का निर्वात उत्पन्न किया जाता है।
इस वेल्डिंग में उच्च गति इलेक्ट्रान बीम को किसी बिन्दु पर फोकस के लिये इलेक्ट्रान बीम इलेक्ट्रोमैगनेटिक फोकसिंग क्वायल (Electromagnetic Focussing coil) का प्रयोग करते है।
उच्च निर्वात होने के कारण टाइटेनियम तथा जिर्कोनियम आदि मैटल आसानी से वेल्ड हो सकती है।
इसके द्वारा बारीक फायल (Thin foil) से लेकर 50 मिमी. मोटी चादरों तक वेल्ड हो सकती है।
D. इलेक्ट्रॉन बीम की वेल्डिंग में इलेक्ट्रान बीम (Electron beam) का प्रयोग किया जाता है।
फ्यूजन के लिये ऊष्मा तेज गति से आ रहे इलेक्ट्रानों के कार्य खण्ड पर टकराने से प्राप्त होता है।
इस वेल्डिंग में जोड़ने वाली सतहों के मध्य 0.050mm से 0.075 मिमी. की दूरी रखी जाती है।
10–4 से 10–5 टौर (Tor) का निर्वात उत्पन्न किया जाता है।
इस वेल्डिंग में उच्च गति इलेक्ट्रान बीम को किसी बिन्दु पर फोकस के लिये इलेक्ट्रान बीम इलेक्ट्रोमैगनेटिक फोकसिंग क्वायल (Electromagnetic Focussing coil) का प्रयोग करते है।
उच्च निर्वात होने के कारण टाइटेनियम तथा जिर्कोनियम आदि मैटल आसानी से वेल्ड हो सकती है।
इसके द्वारा बारीक फायल (Thin foil) से लेकर 50 मिमी. मोटी चादरों तक वेल्ड हो सकती है।