Correct Answer:
Option B - असमतलीय संगामी बल प्रणाली (Non Coplanar concurrent force system)- किसी पिण्ड पर कार्य करने वाले बलों की क्रिया रेखायें जब भिन्न तलों में होती है तथा बलों की क्रिया रेखायें एक ही बिन्दु पर मिलती है तो उन्हें असमतलीय संगामी बल तथा ऐसे प्रणाली को असमतलीय संगामी बल प्रणाली कहते हैं।
उदाहरण- कैमरा वहन करने वाला त्रिपाद
समतलीय संगामी बल प्रणाली (Coplaner Concurrent force system)- किसी पिण्ड पर कार्य करने वाले बलों की क्रिया रेखायें एक बिन्दु पर मिलती है और वे एक ही समतल मे होती है ऐसे प्रणाली को समतलीय संगामी बल प्रणाली कहते हैं।
समतलीय असंगामी बल प्रणाली (Coplaner non- concurrent force System)-किसी पिण्ड पर कार्य करने वाले बलों की क्रिया रेखाऐं एक ही समतल मे होती है, परन्तु सभी क्रिया रेखायें एक ही बिन्दु पर नही मिलती ऐसे प्रणाली को समतलीय असंगामी बल प्रणाली कहते हैं।
B. असमतलीय संगामी बल प्रणाली (Non Coplanar concurrent force system)- किसी पिण्ड पर कार्य करने वाले बलों की क्रिया रेखायें जब भिन्न तलों में होती है तथा बलों की क्रिया रेखायें एक ही बिन्दु पर मिलती है तो उन्हें असमतलीय संगामी बल तथा ऐसे प्रणाली को असमतलीय संगामी बल प्रणाली कहते हैं।
उदाहरण- कैमरा वहन करने वाला त्रिपाद
समतलीय संगामी बल प्रणाली (Coplaner Concurrent force system)- किसी पिण्ड पर कार्य करने वाले बलों की क्रिया रेखायें एक बिन्दु पर मिलती है और वे एक ही समतल मे होती है ऐसे प्रणाली को समतलीय संगामी बल प्रणाली कहते हैं।
समतलीय असंगामी बल प्रणाली (Coplaner non- concurrent force System)-किसी पिण्ड पर कार्य करने वाले बलों की क्रिया रेखाऐं एक ही समतल मे होती है, परन्तु सभी क्रिया रेखायें एक ही बिन्दु पर नही मिलती ऐसे प्रणाली को समतलीय असंगामी बल प्रणाली कहते हैं।