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Q: The following are the statements about lug angle used to connect heavily loaded tension member to gusset plates. (i) The length of end connection is reduced (ii) By using lug angles there will be saving in the gusset plate (iii) Cost of connection increases due to additional fasteners and angle required.
  • A. All the (i), (ii) and (iii) statements are correct/सभी कथन (i), (ii) और (iii) सही हैं।
  • B. Only (ii) and (iii) statements are correct केवल कथन (ii) और कथन (iii) सही है।
  • C. Only (i) and (ii) statements are correct केवल कथन (i)और कथन (ii) सही है।
  • D. Only (i) and (iii) statements are correct केवल कथन (i) और कथन (iii) सही है।
Correct Answer: Option A - लग एंगल– जब किसी एंगल को गसेट प्लेट से जोड़ा जाता है जिस पर अत्यधिक तनन बल लग रहा है तो इसके फलस्वरूप तनन बल को प्रतिरोधित करने के लिये अधिक संख्या में रिवेट जोड़ दिये जाते है, जिससे चढ़ाव लम्बाई बढ़ जाती है। लैपिंग के मान को कम करने के लिये मुख्य एंगल के बगल में एक अलग एंगल का संयोजन किया जाता है, जिसे लग एंगल कहते हैं। दोनों एंगल के बाहर निकले सिरे को भी रिवेट द्वारा रिवेटिंग कर दिया जाता है। लग एंगल के प्रयोग से गसेट प्लेट की बचत होती है लेकिन अतिरिक्त फास्टनरों और एंगल की आवश्यकता के कारण कनेक्शन की लागत बढ़ जाती है। लग एंगल का उद्देश्य गसेट प्लेट की लंबाई को कम करना और शियर लैग इफेक्ट (Shear leg effect) को कम करना है।
A. लग एंगल– जब किसी एंगल को गसेट प्लेट से जोड़ा जाता है जिस पर अत्यधिक तनन बल लग रहा है तो इसके फलस्वरूप तनन बल को प्रतिरोधित करने के लिये अधिक संख्या में रिवेट जोड़ दिये जाते है, जिससे चढ़ाव लम्बाई बढ़ जाती है। लैपिंग के मान को कम करने के लिये मुख्य एंगल के बगल में एक अलग एंगल का संयोजन किया जाता है, जिसे लग एंगल कहते हैं। दोनों एंगल के बाहर निकले सिरे को भी रिवेट द्वारा रिवेटिंग कर दिया जाता है। लग एंगल के प्रयोग से गसेट प्लेट की बचत होती है लेकिन अतिरिक्त फास्टनरों और एंगल की आवश्यकता के कारण कनेक्शन की लागत बढ़ जाती है। लग एंगल का उद्देश्य गसेट प्लेट की लंबाई को कम करना और शियर लैग इफेक्ट (Shear leg effect) को कम करना है।

Explanations:

लग एंगल– जब किसी एंगल को गसेट प्लेट से जोड़ा जाता है जिस पर अत्यधिक तनन बल लग रहा है तो इसके फलस्वरूप तनन बल को प्रतिरोधित करने के लिये अधिक संख्या में रिवेट जोड़ दिये जाते है, जिससे चढ़ाव लम्बाई बढ़ जाती है। लैपिंग के मान को कम करने के लिये मुख्य एंगल के बगल में एक अलग एंगल का संयोजन किया जाता है, जिसे लग एंगल कहते हैं। दोनों एंगल के बाहर निकले सिरे को भी रिवेट द्वारा रिवेटिंग कर दिया जाता है। लग एंगल के प्रयोग से गसेट प्लेट की बचत होती है लेकिन अतिरिक्त फास्टनरों और एंगल की आवश्यकता के कारण कनेक्शन की लागत बढ़ जाती है। लग एंगल का उद्देश्य गसेट प्लेट की लंबाई को कम करना और शियर लैग इफेक्ट (Shear leg effect) को कम करना है।