Correct Answer:
Option D - ब्रेजिंग प्रक्रिया में प्रयुक्त भराव धातु का गलनांक 420ºC से अधिक होता है। इसे कठोर सोल्डर भी कहते हैं।
• ब्रेज सामान्यत: तांबा व जिंक का मिश्रण धातु होता है।
• इसका प्रयोग तांबा, पीतल, लोहा आदि धातुओं के बड़े आकार के टुकड़ों या मोटे तारों व केबिल्स के जोड़ों पर टांका लगाने के लिए किया जाता है।
D. ब्रेजिंग प्रक्रिया में प्रयुक्त भराव धातु का गलनांक 420ºC से अधिक होता है। इसे कठोर सोल्डर भी कहते हैं।
• ब्रेज सामान्यत: तांबा व जिंक का मिश्रण धातु होता है।
• इसका प्रयोग तांबा, पीतल, लोहा आदि धातुओं के बड़े आकार के टुकड़ों या मोटे तारों व केबिल्स के जोड़ों पर टांका लगाने के लिए किया जाता है।