Correct Answer:
Option C - पाँचवी अनुसूची में अनुसूचित जनजाति समूह के लोेगों की शासन और हितों की सुरक्षा से संबंधित है। इससे असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम को शामिल नहीं किया गया है। छठवीं अनुसूची असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों में जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है। पाँचवी अनुसूची के तहत राज्यपाल, राष्ट्रपति को संबंधित क्षेत्र के लिए प्रतिवेदन दे सकता है। किन्तु इनमें अंतिम शक्ति राष्ट्र्रपति में ही निहित है। ऐसे अनुसुचित क्षेत्रों के लिए जनजातीय सलाहकार परिषद का प्रावधान है। इसका निर्माण 20 से अधिक सदस्यों से मिलकर होगा।
C. पाँचवी अनुसूची में अनुसूचित जनजाति समूह के लोेगों की शासन और हितों की सुरक्षा से संबंधित है। इससे असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम को शामिल नहीं किया गया है। छठवीं अनुसूची असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों में जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है। पाँचवी अनुसूची के तहत राज्यपाल, राष्ट्रपति को संबंधित क्षेत्र के लिए प्रतिवेदन दे सकता है। किन्तु इनमें अंतिम शक्ति राष्ट्र्रपति में ही निहित है। ऐसे अनुसुचित क्षेत्रों के लिए जनजातीय सलाहकार परिषद का प्रावधान है। इसका निर्माण 20 से अधिक सदस्यों से मिलकर होगा।