Correct Answer:
Option B - : हर्यक वंश का संस्थापक बिम्बिसार मगध की राजगद्दी पर 544 ई.पू. (बौद्ध ग्रंथों के अनुसार) में बैठा था। प्रसिद्ध चिकित्सक जीवक मगध के सम्राट बिम्बिसार के राजवैद्य थे। महात्मा बुद्ध की सेवा में बिम्बिसार ने अपने राजवैद्य ‘जीवक’ को भेजा था। इसके अतिरिक्त जब अवन्ति प्रदेश के राजा प्रद्योत पाण्डु रोग से ग्रसित थे तब भी बिम्बिसार ने अपने राजवैद्य जीवक को उनकी सेवा सुश्रुषा के लिए भेजा था। जीवक 7 वर्ष तक तक्षशिला में चिकित्सा शास्त्र का अध्ययन किया था।
B. : हर्यक वंश का संस्थापक बिम्बिसार मगध की राजगद्दी पर 544 ई.पू. (बौद्ध ग्रंथों के अनुसार) में बैठा था। प्रसिद्ध चिकित्सक जीवक मगध के सम्राट बिम्बिसार के राजवैद्य थे। महात्मा बुद्ध की सेवा में बिम्बिसार ने अपने राजवैद्य ‘जीवक’ को भेजा था। इसके अतिरिक्त जब अवन्ति प्रदेश के राजा प्रद्योत पाण्डु रोग से ग्रसित थे तब भी बिम्बिसार ने अपने राजवैद्य जीवक को उनकी सेवा सुश्रुषा के लिए भेजा था। जीवक 7 वर्ष तक तक्षशिला में चिकित्सा शास्त्र का अध्ययन किया था।