Correct Answer:
Option C - 31 अक्टूबर, 1929 को इरविन की घोषणा में भारत के लिए एक अधिराज्य/डोमेनियन स्टेट का दर्जा देने की बात की गयी थी। दिसम्बर, 1929 में कांग्रेस का अधिवेशन लाहौर में रावी नदी के किनारे आयोजित किया गया। इस अधिवेशन की अध्यक्षता के लिए गाँधी जी चुने गये थे, लेकिन उन्होंने अपनी जगह जवाहरलाल नेहरू को अध्यक्ष बनाया। अपने अध्यक्षी सम्बोधन में जवाहरलाल नेहरू ने कहा ‘‘आज हमारा बस एक ही लक्ष्य है स्वाधीनता का लक्ष्य। हमारे लिए स्वाधीनता के मायने हैं ब्रिटिश साम्राज्यवाद से पूर्ण स्वतन्त्रता’’। जवाहरलाल नेहरू ने लाहौर के रावी तट पर भारतीय स्वतन्त्रता का झण्डा फहराया। कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 26 जनवरी, 1930 को पूर्ण स्वाधीनता दिवस के रूप में मनाया जायेगा। इसी से प्रभावित होकर स्वतन्त्र भारत सरकार प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को गणतन्त्र दिवस मनाती है।
C. 31 अक्टूबर, 1929 को इरविन की घोषणा में भारत के लिए एक अधिराज्य/डोमेनियन स्टेट का दर्जा देने की बात की गयी थी। दिसम्बर, 1929 में कांग्रेस का अधिवेशन लाहौर में रावी नदी के किनारे आयोजित किया गया। इस अधिवेशन की अध्यक्षता के लिए गाँधी जी चुने गये थे, लेकिन उन्होंने अपनी जगह जवाहरलाल नेहरू को अध्यक्ष बनाया। अपने अध्यक्षी सम्बोधन में जवाहरलाल नेहरू ने कहा ‘‘आज हमारा बस एक ही लक्ष्य है स्वाधीनता का लक्ष्य। हमारे लिए स्वाधीनता के मायने हैं ब्रिटिश साम्राज्यवाद से पूर्ण स्वतन्त्रता’’। जवाहरलाल नेहरू ने लाहौर के रावी तट पर भारतीय स्वतन्त्रता का झण्डा फहराया। कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 26 जनवरी, 1930 को पूर्ण स्वाधीनता दिवस के रूप में मनाया जायेगा। इसी से प्रभावित होकर स्वतन्त्र भारत सरकार प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को गणतन्त्र दिवस मनाती है।