Correct Answer:
Option C - चक्रीय लोड के कारण सामग्री विफलता फटीग कहलाती है। उतार–चढ़ाव वाले तथा विपरीत बार–बार शीघ्र प्रतिबलों के उत्पन्न होने के कारण धातु खण्डों के अचानक टूट जाने का भ्रम बना रहता है। तभी इस प्रकार प्रतिबलों से धातु खण्ड टूट जाते हैं। उच्च गति पर घूमते इस्पात के शाफ्टों तथा संरचनाओं के उन दृढ़ सदस्यों में यह दोष होता है जो कम्पन्न से प्रभावित होते हैं।
फटीग के कारण मैटीरियल पर निम्न प्रभाव होते हैं–
(i) तन्यता में कमी
(ii) सामर्थ्य में कमी
(iii) पदार्थ की सामर्थ्य तथा क्रियाशील जीवन की अनिश्चितता
C. चक्रीय लोड के कारण सामग्री विफलता फटीग कहलाती है। उतार–चढ़ाव वाले तथा विपरीत बार–बार शीघ्र प्रतिबलों के उत्पन्न होने के कारण धातु खण्डों के अचानक टूट जाने का भ्रम बना रहता है। तभी इस प्रकार प्रतिबलों से धातु खण्ड टूट जाते हैं। उच्च गति पर घूमते इस्पात के शाफ्टों तथा संरचनाओं के उन दृढ़ सदस्यों में यह दोष होता है जो कम्पन्न से प्रभावित होते हैं।
फटीग के कारण मैटीरियल पर निम्न प्रभाव होते हैं–
(i) तन्यता में कमी
(ii) सामर्थ्य में कमी
(iii) पदार्थ की सामर्थ्य तथा क्रियाशील जीवन की अनिश्चितता