Correct Answer:
Option A - सातत्य समीकरण (Continuity equation)–सातत्य समीकरण प्रवाह में मात्रा की अविनाशिता (Conservation of mass) के सिद्धान्त पर आधारित है। इस समीकरण के अनुसार अपरिवर्ती प्रवाह (steady flow) के लिये, किसी पाइप की प्रत्येक अनुप्रस्थ काट से निश्चित समय में गुजरने वाले द्रव का भार समान होगा।
सातत्य समीकरण के प्रतिबन्ध–
(i) द्रव का प्रवाह अपरिवर्ती हो।
(ii) प्रवाह असम्पीड्य हो।
(iii) प्रत्येक काट पर द्रव की औसत गति ली जाये।
(iv) विचाराधीन काटों के बीच द्रव के पाइप से निकलने या उसमें प्रवेश करने का कोई साधन न हो।
A. सातत्य समीकरण (Continuity equation)–सातत्य समीकरण प्रवाह में मात्रा की अविनाशिता (Conservation of mass) के सिद्धान्त पर आधारित है। इस समीकरण के अनुसार अपरिवर्ती प्रवाह (steady flow) के लिये, किसी पाइप की प्रत्येक अनुप्रस्थ काट से निश्चित समय में गुजरने वाले द्रव का भार समान होगा।
सातत्य समीकरण के प्रतिबन्ध–
(i) द्रव का प्रवाह अपरिवर्ती हो।
(ii) प्रवाह असम्पीड्य हो।
(iii) प्रत्येक काट पर द्रव की औसत गति ली जाये।
(iv) विचाराधीन काटों के बीच द्रव के पाइप से निकलने या उसमें प्रवेश करने का कोई साधन न हो।