search
Q: The education processes are enriched by bringing –––––– closer. शिक्षा प्रक्रिया को _______ के करीब लाकर समृद्ध किया जाता है। I. Parents I. माता – पिता II. Teachers II. शिक्षकों
  • A. Only II/केवल II
  • B. Both I and II/I तथा II दोनों
  • C. Only I/केवल I
  • D. Neither I nor II/ना ही I ना ही II
Correct Answer: Option B - शिक्षा प्रक्रिया को समृद्ध करने के लिए माता-पिता (Parents) तथा शिक्षकों (Teachers) दोनों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। बच्चों के पहले शिक्षक उसके माता-पिता होते हैं क्योंकि वही उन्हें अच्छी-बुरी बातों का ज्ञान देते हैं और निर्णायक भूमिका निभाते हैं। माता-पिता समय-समय पर अपने बच्चों को प्रोत्साहित करते हैं और सफलताओं और असफलताओं में उनके साथ खड़े रहते हैं तथा शिक्षक की क्रिया-शीलता के कारण ही बालक विविध प्रकार की निरर्थक क्रियाओं से बचाता है तथा सार्थक क्रियाओं को सम्पन्न करता है। क्रियाशील शिक्षा अपनी कक्षा में प्रत्येक छात्र की गति-विधि पर दृष्टि रखता है तथा आवश्यकता के अनुसार गति-विधि पर दृष्टि रखता है तथा आवश्यकता के अनुसार छात्रों को सहायता भी प्रदान करते है। अत: माता-पिता तथा शिक्षक दोनों का ही होना आवश्यक है एक छात्र के समृद्धि व विकास के लिए।
B. शिक्षा प्रक्रिया को समृद्ध करने के लिए माता-पिता (Parents) तथा शिक्षकों (Teachers) दोनों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। बच्चों के पहले शिक्षक उसके माता-पिता होते हैं क्योंकि वही उन्हें अच्छी-बुरी बातों का ज्ञान देते हैं और निर्णायक भूमिका निभाते हैं। माता-पिता समय-समय पर अपने बच्चों को प्रोत्साहित करते हैं और सफलताओं और असफलताओं में उनके साथ खड़े रहते हैं तथा शिक्षक की क्रिया-शीलता के कारण ही बालक विविध प्रकार की निरर्थक क्रियाओं से बचाता है तथा सार्थक क्रियाओं को सम्पन्न करता है। क्रियाशील शिक्षा अपनी कक्षा में प्रत्येक छात्र की गति-विधि पर दृष्टि रखता है तथा आवश्यकता के अनुसार गति-विधि पर दृष्टि रखता है तथा आवश्यकता के अनुसार छात्रों को सहायता भी प्रदान करते है। अत: माता-पिता तथा शिक्षक दोनों का ही होना आवश्यक है एक छात्र के समृद्धि व विकास के लिए।

Explanations:

शिक्षा प्रक्रिया को समृद्ध करने के लिए माता-पिता (Parents) तथा शिक्षकों (Teachers) दोनों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। बच्चों के पहले शिक्षक उसके माता-पिता होते हैं क्योंकि वही उन्हें अच्छी-बुरी बातों का ज्ञान देते हैं और निर्णायक भूमिका निभाते हैं। माता-पिता समय-समय पर अपने बच्चों को प्रोत्साहित करते हैं और सफलताओं और असफलताओं में उनके साथ खड़े रहते हैं तथा शिक्षक की क्रिया-शीलता के कारण ही बालक विविध प्रकार की निरर्थक क्रियाओं से बचाता है तथा सार्थक क्रियाओं को सम्पन्न करता है। क्रियाशील शिक्षा अपनी कक्षा में प्रत्येक छात्र की गति-विधि पर दृष्टि रखता है तथा आवश्यकता के अनुसार गति-विधि पर दृष्टि रखता है तथा आवश्यकता के अनुसार छात्रों को सहायता भी प्रदान करते है। अत: माता-पिता तथा शिक्षक दोनों का ही होना आवश्यक है एक छात्र के समृद्धि व विकास के लिए।