Correct Answer:
Option C - बंगाल में द्वैध शासन की शुरुआत राबर्ट क्लाइव ने 1765 में किया था। इसके अंतर्गत कंपनी दीवानी और निजामत के कार्यों का निष्पादन भारतीयों के माध्यम से करती थी, लेकिन वास्तविक शक्ति कंपनी के पास थी, क्लाइव समझता था कि समस्त शक्ति कंपनी के पास है तथा नवाब के पास सत्ता की केवल छाया है। क्लाइव ने प्रवर समिति को लिखा था यह नाम यह छाया आवश्यक है तथा उसे इसको स्वीकार करना चाहिए। द्वैध शासन के जनक लियोनेल कर्टिस थे।
C. बंगाल में द्वैध शासन की शुरुआत राबर्ट क्लाइव ने 1765 में किया था। इसके अंतर्गत कंपनी दीवानी और निजामत के कार्यों का निष्पादन भारतीयों के माध्यम से करती थी, लेकिन वास्तविक शक्ति कंपनी के पास थी, क्लाइव समझता था कि समस्त शक्ति कंपनी के पास है तथा नवाब के पास सत्ता की केवल छाया है। क्लाइव ने प्रवर समिति को लिखा था यह नाम यह छाया आवश्यक है तथा उसे इसको स्वीकार करना चाहिए। द्वैध शासन के जनक लियोनेल कर्टिस थे।