search
Q: The double mass curve technique is adopted to
  • A. check the consistency of rain gauge records/वर्षामापी अभिलेख के सघनता की जाँच करना।
  • B. find the average rainfall over a number of years/औसत वर्षा को वर्षों में ज्ञात करना
  • C. estimate the missing rainfall data/आवश्यक वर्षा गेज की अनुकूलम् संख्या ज्ञात करना।
  • D. estimate the missing rainfall data/छूटे हुए वर्षा के विवरण का अनुमान लगाना।
Correct Answer: Option A - दोहरे प्रपुँज वक्र (Double mass curve) द्वारा वर्षा (rainfall) की सघनता (consistency) को ज्ञात किया जाता है। परिशुद्ध वर्षा मापन के लिए अत्यधिक वर्षामापी (Raingauge) की आवश्यकता होती है। वर्षामापी घनत्व (Raingauge density)– किसी विशेष क्षेत्र में लगे वर्षामापी (Rain gauge) की संख्या, वर्षामापी घनत्व कहलाती है।
A. दोहरे प्रपुँज वक्र (Double mass curve) द्वारा वर्षा (rainfall) की सघनता (consistency) को ज्ञात किया जाता है। परिशुद्ध वर्षा मापन के लिए अत्यधिक वर्षामापी (Raingauge) की आवश्यकता होती है। वर्षामापी घनत्व (Raingauge density)– किसी विशेष क्षेत्र में लगे वर्षामापी (Rain gauge) की संख्या, वर्षामापी घनत्व कहलाती है।

Explanations:

दोहरे प्रपुँज वक्र (Double mass curve) द्वारा वर्षा (rainfall) की सघनता (consistency) को ज्ञात किया जाता है। परिशुद्ध वर्षा मापन के लिए अत्यधिक वर्षामापी (Raingauge) की आवश्यकता होती है। वर्षामापी घनत्व (Raingauge density)– किसी विशेष क्षेत्र में लगे वर्षामापी (Rain gauge) की संख्या, वर्षामापी घनत्व कहलाती है।