Correct Answer:
Option D - मीथेनोग्लोबिनीमिया
रासायनिक खादो के इस्तेमाल से उनमें उपस्थित उपचायक पदार्थ हमारे रक्त में पहुँच कर हिमोग्लोबिन से जुड जाता है अर्थात हिमोग्लोबिन लौह का एक इलेक्ट्रान त्यागकर फेरिक (Fe³⁺) दशा में आ जाता है। इस प्रकार उपचयित लौहयुक्त हीमोग्लोबिन को मिथिमोग्लोबिन कहते है। यह अब O₂ का परिवहन नहीं कर पाते है।
D. मीथेनोग्लोबिनीमिया
रासायनिक खादो के इस्तेमाल से उनमें उपस्थित उपचायक पदार्थ हमारे रक्त में पहुँच कर हिमोग्लोबिन से जुड जाता है अर्थात हिमोग्लोबिन लौह का एक इलेक्ट्रान त्यागकर फेरिक (Fe³⁺) दशा में आ जाता है। इस प्रकार उपचयित लौहयुक्त हीमोग्लोबिन को मिथिमोग्लोबिन कहते है। यह अब O₂ का परिवहन नहीं कर पाते है।